झारखंड
एक घंटा पहले
2
विचारों
रांची की सड़कों पर उमड़ा आक्रोश
झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन का केंद्र बनी हुई है। राजधानी की सड़कों पर आंदोलन का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को बड़ी संख्या में आदिवासी छात्रावास के छात्र और छात्राएं अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने करमटोली से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इन दोनों आयोगों की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच सीआईडी के बजाए सीबीआई से कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
प्रदर्शन का रूट और प्रभाव
प्रदर्शन के दौरान राजधानी के मुख्य मार्गों पर काफी गहमागहमी देखी गई। छात्र करमटोली स्थित आदिवासी छात्रावास से निकलकर कचहरी चौक और शहीद चौक से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे। इस दौरान छात्रों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर अपनी मांगों को लेकर नारे लिखे हुए थे। सरकार और आयोगों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों ने स्पष्ट किया कि उन्हें जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही और वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, पुलिस की कड़ी सुरक्षा और मौजूदगी के बीच यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ और अंत में सभी प्रदर्शनकारी वापस अपने छात्रावास लौट गए।
आंदोलन का छठा दिन और बढ़ती एकजुटता
यह आंदोलन अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि वे जयपाल सिंह स्टेडियम में पहले से ही धरना दे रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। छात्रों का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं को जिस तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है, वह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उल्लेखनीय है कि आंदोलन की शुरुआत मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से हुई थी, जिसे बुधवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया है।
दूर-दराज के जिलों से जुट रहे अभ्यर्थी
इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल रांची के छात्र ही नहीं, बल्कि झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आंदोलन में महिला अभ्यर्थियों की सक्रिय और बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि यह मुद्दा राज्य के युवाओं के लिए कितना संवेदनशील हो चुका है। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, इस प्रदर्शन का दायरा भी बढ़ता जा रहा है और आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। छात्रों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती और सीबीआई जांच का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। राज्य सरकार के लिए यह बढ़ता हुआ आंदोलन अब एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रहा है जिसे हल करना प्रशासन के लिए जरूरी हो गया है।
Comments
0 comment