भारत
2 घंटे पहले
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पाकिस्तान को रक्षा मंत्री की सीधी चेतावनी
सीमा पार से लगातार हो रही आतंकी गतिविधियों और आतंकवाद के पोषण को लेकर भारत ने अब और अधिक आक्रामक रुख अपना लिया है। गुरुवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना स्पष्ट संकेत दिए कि यदि वहां से कोई भी आतंकी घटना होती है, तो भारत का जवाब पहले से भी अधिक कड़ा होगा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से ही शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की रही है, लेकिन शांति के प्रति हमारे इस समर्पण को किसी भी तरह से हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए।
रणनीति में हुआ बड़ा बदलाव
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा नीति में हाल के वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब केवल कूटनीतिक स्तर पर निंदा करने तक सीमित नहीं रहने वाला है। भारत सरकार ने आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए सक्रिय और निर्णायक कदम उठाने की नीति अपनाई है। यह केवल सैन्य अभियान नहीं थे, बल्कि एक बदलते भारत की नई कार्यशैली का परिचय भी थे।
आतंकवादियों की आयु में आई कमी
राजनाथ सिंह ने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद से आतंकवादियों की 'शेल्फ लाइफ' में काफी कमी आई है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अब आतंकवादी भारत के खिलाफ हथियार उठाने के 1 साल के भीतर ही सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश में शांति बनाए रखने के लिए केवल नीतियां काफी नहीं होतीं, बल्कि इसके लिए सैन्य शक्ति और क्षमता का होना अनिवार्य है। भारत शांति चाहता है, लेकिन वह किसी भी संघर्ष के लिए भी पूरी तरह तैयार है, क्योंकि देश की रक्षा के लिए युद्ध भी आवश्यक हो जाता है।
शांति के लिए हमारी प्रतिबद्धता अडिग है, फिर भी हम किसी भी चैलेंज का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमारा टारगेट एक ऐसा भारत बनाना है जो शांति की वकालत तो करे, लेकिन साथ ही सिक्योरिटी के मामले में पूरी तरह से सतर्क रहे। अपनी संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हो: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
लोन-वुल्फ हमलावरों से बढ़ते खतरे
रक्षा मंत्री ने फ्लाईदुबई कांड का उल्लेख करते हुए 'लोन-वुल्फ' हमलावरों से पैदा होने वाले खतरों को लेकर भी आगाह किया। इस घटना में एक को-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी का विशेष जिक्र किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़े आतंकी षड्यंत्र को विफल कर दिया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि कैसे नफरत से भरे लोग अकेले ही बड़े खतरे को अंजाम दे सकते हैं। हालांकि, एक जागरूक और साहसी व्यक्ति की सतर्कता ऐसी किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए काफी है। भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर मुस्तैद है।
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