छत्तीसगढ़
2 घंटे पहले
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परीक्षा में धांधली पर बवाल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब 'बीएससी एग्रीकल्चर' के सेकंड ईयर की परीक्षा का पेपर लीक होने की सूचना सामने आई। यह मामला 'कीट विज्ञान' विषय की परीक्षा से जुड़ा हुआ है। जैसे ही छात्रों को पेपर लीक होने की भनक लगी, पूरा विश्वविद्यालय परिसर छात्रों के भारी विरोध और नारेबाजी से गूंज उठा। छात्र इस घटना से बेहद आक्रोशित थे और उन्होंने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रबंधन पर मिलीभगत के आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्हें इस धांधली की जानकारी पहले से थी। छात्रों का कहना है कि उन्हें इस बात की सूचना समय पर मिल गई थी कि पेपर लीक हो चुका है, बावजूद इसके प्रशासन ने परीक्षा को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों का यह भी दावा है कि विश्वविद्यालय के अंदरूनी कर्मचारियों और शिक्षकों की मिलीभगत के बिना पेपर का बाहर आना मुमकिन नहीं है, जिसके चलते बड़ी संख्या में पेपर बेचा गया है। नाराज छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो वे आने वाले समय में और भी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन की कार्रवाई और हाई-लेवल बैठक
इस पूरे हंगामे के बाद स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन हरकत में आया। आनन-फानन में एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई, जिसमें तत्काल प्रभाव से परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय ने इस मामले को लेकर प्रोफेसरों और कर्मचारियों को भी तलब किया है। मामले में विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस को भी दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी कर्मचारी या शिक्षक इस गड़बड़ी में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान
इस पूरे मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसे लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पहले ही परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्र अब मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की राह देख रहे हैं।
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