छत्तीसगढ़: सांसदों और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच तल्खी, दो अफसरों की लोकसभा स्पीकर से हुई शिकायत छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 2
छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ता विवाद अब लोकसभा तक पहुंच गया है। दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

विवाद की जड़ और लोकसभा में शिकायत

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों के बीच जारी खींचतान का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा है। दुर्ग से भारतीय जनता पार्टी के सांसद विजय बघेल ने राज्य के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी है, जिसके बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

केंद्र और राज्य से मांगा गया जवाब

सांसद विजय बघेल द्वारा की गई शिकायत को काफी गंभीरता से लिया गया है। इस मामले में लोकसभा सचिवालय की ओर से प्रतिक्रिया आई है और सचिवालय ने मामले की संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। अधिकारियों के इस रवैये को लेकर प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।

किन अधिकारियों पर लगे हैं आरोप

सांसद द्वारा जिन दो अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है, उनमें भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम के आयुक्त डीएस राजपूत का नाम शामिल है। सांसद का आरोप है कि ये अधिकारी प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं और जनप्रतिनिधियों के साथ सहयोग करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।

जनता के काम में बाधा का आरोप

सांसद विजय बघेल ने अपने शिकायती पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि उक्त अधिकारी न तो फोन कॉल्स का जवाब देते हैं और न ही विकास कार्यों के लिए आवश्यक जानकारी साझा करते हैं। सांसद के अनुसार, इन अधिकारियों की कार्यशैली मनमानीपूर्ण है, जिसके कारण आम जनता से जुड़े जरूरी कार्य पेंडिंग पड़े हैं। इस प्रकार की कार्यप्रणाली न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि यह धरातल पर चल रहे विकास कार्यों में भी बेवजह की बाधाएं उत्पन्न कर रही है, जिससे क्षेत्र की जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप