छत्तीसगढ़ में कार्टून पोस्टर का तड़का, सीएम विष्णु देव साय और भूपेश बघेल के बीच छिड़ी सियासी जंग छत्तीसगढ़ 2 घंटे पहले 6
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच सोशल मीडिया पर पोस्टरों और बयानों का नया दौर शुरू हो गया है, जिसमें बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर करारा प्रहार किया है।

सोशल मीडिया पर पोस्टर वॉर की नई लहर

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानों की गर्माहट और पोस्टर के जरिए एक दूसरे पर निशाना साधना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक नए कार्टून वॉर ने राजनीतिक पारे को काफी ऊंचा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल को घेरते हुए एक कार्टून पोस्टर साझा किया है। इस पोस्टर में भूपेश बघेल की तुलना 'खिसियानी बिल्ली' से की गई है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को उन्हें पटखनी देते हुए दर्शाया गया है। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

बीजेपी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ बीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जो पोस्टर साझा किया है, उसमें भूपेश बघेल पर तीखा कटाक्ष किया गया है। पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा गया है, 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। एक बहस में ही इतनी किरकिरी हो चुकी है। भूपेश जी, फिर भी आलाकमान को खुश करने के चक्कर में अब मुख्यमंत्री जी को चुनौती दे रहे हैं। थोड़ा संभलकर भूपेश जी, कहीं अगली बहस के बाद चेहरा छुपाने की नौबत न आ जाए।' इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि भूपेश बघेल अपनी पार्टी के आलाकमान को संतुष्ट करने के लिए बिना सोचे समझे कदम उठा रहे हैं।

बहस की खुली चुनौती

इस पूरे विवाद की जड़ भूपेश बघेल द्वारा दी गई एक खुली चुनौती है। दरअसल, भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर निशाना साधते हुए उन्हें खनन के विषय पर एक सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा था कि राज्य की जनता खदान के मुद्दे पर डिबेट देखना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी को खुली चुनौती है। समय, स्थान और तारीख वे तय कर लें। मैं इंतजार करूंगा। विष्णु जी खनन मंत्री भी हैं, इसलिए उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए।' भूपेश बघेल ने दावा किया था कि जनता सच जानना चाहती है और डिबेट के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

पोस्टर में क्या है खास

बीजेपी द्वारा जारी किए गए कार्टून पोस्टर में विष्णु देव साय को काफी मजबूत स्थिति में दिखाया गया है, जो भूपेश बघेल को सियासी अखाड़े में पटखनी दे रहे हैं। पोस्टर में एक होर्डिंग भी दिखाई गई है, जिस पर 'पिछली डिबेट' लिखा हुआ है। पोस्टर में भूपेश बघेल को खुन्नस में दिखाया गया है और उनके हवाले से यह कहलवाया गया है, 'डिबेट तो हारूंगा पर पब्लिसिटी करनी है और दिल्ली को खुश करना है, एक और डिबेट करनी है।' बीजेपी का यह व्यंग्यात्मक तरीका स्पष्ट रूप से यह जताने के लिए है कि पिछली किसी बहस में भूपेश बघेल को हार का सामना करना पड़ा था।

तारा कोल ब्लॉक विवाद और अन्य मुद्दे

विवाद केवल कार्टून तक सीमित नहीं है। भूपेश बघेल ने गणेश पंडालों के दौरे के दौरान मौजूदा छत्तीसगढ़ सरकार पर भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लॉकों को नीलामी की प्रक्रिया से बाहर रखने का फैसला लिया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 11 दिसंबर 2025 को लिखे गए पत्र के बाद ही तारा कोल ब्लॉक को नीलामी में शामिल किया गया। इसी मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री को दस्तावेजों के साथ मीडिया के सामने खुली बहस में आने की बात कही है। इसके अलावा, भूपेश बघेल ने राज्य में बंद पड़ी लोकल ट्रेन सेवाओं को लेकर भी सरकार को घेरा है। उन्होंने डीआरएम से सेवा तत्काल शुरू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो रेल मंत्री के आगामी प्रवास के दौरान कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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