छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों और यहां के विकास के लिए एक बहुत बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे खासकर आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों में कनेक्टिविटी बेहद मजबूत होने जा रही है। केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने प्रदेश के लिए तीन नई रेल लाइनों को हरी झंडी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब डोंगरगढ़ से कटघोरा के बीच कुल 27 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस नए रेल मार्ग के विकसित होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
यह महत्वपूर्ण निर्णय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिया गया। इस मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ के रेल बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बैठक और इसके बाद मिली स्वीकृतियों के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर विस्तार से जानकारी साझा की है।
डोंगरगढ़-कटघोरा रेल परियोजना: 27 नए स्टेशनों के साथ बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बातचीत बेहद सकारात्मक रही। इस बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे की ढांचागत सुविधाओं को बढ़ावा देने और लंबे समय से अटकी हुई रेल परियोजनाओं को गति देने पर सहमति बनी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन को लेकर हुआ है।
इस परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से धरातल पर उतारा जाएगा। यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन लगभग 295 किलोमीटर लंबी होगी। यह रेल मार्ग मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा:
- कटघोरा
- करतला
- मुंगेली
- कवर्धा
- खैरागढ़
- डोंगरगढ़
इस नए रेल मार्ग के बनने से छत्तीसगढ़ के आंतरिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बहुत अधिक मजबूत हो जाएगी। इससे न केवल स्थानीय यात्रियों को यात्रा करने में आसानी होगी, बल्कि क्षेत्र के उद्योगों, व्यापार, कृषि, पर्यटन और विशेष रूप से खनिज परिवहन को एक नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा, राज्य के जनजातीय अंचलों के चहुंमुखी विकास को भी इससे बड़ी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसे 'विकसित छत्तीसगढ़' के निर्माण की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया है।
बस्तर अंचल के लिए रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना को गति
बैठक के दौरान राज्य की एक और सबसे बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना, रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन के काम की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है।
इसके साथ ही रेलवे की ओर से निविदा यानी टेंडर की प्रक्रिया भी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। बहुत जल्द इस रेल मार्ग पर निर्माण कार्य की शुरुआत हो जाएगी। इस रेल लाइन के शुरू होने से बस्तर जैसे सुदूर और आदिवासी बहुल इलाके का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से बेहद मजबूत हो जाएगा। इससे बस्तर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के एक नए युग की शुरुआत होगी और स्थानीय स्तर पर समृद्धि आएगी।
तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी की उम्मीद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदलने के लिए तीन अन्य अहम रेल परियोजनाओं को भी जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह रेल मंत्री से किया। इन तीन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर रेल लाइन: इसकी कुल लंबाई 244 किलोमीटर प्रस्तावित है।
- धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल लाइन: यह कुल 301 किलोमीटर लंबी परियोजना है।
- अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन: इस मार्ग की लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को अवगत कराया कि यदि इन तीनों रेल परियोजनाओं को जल्द ही प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिल जाती है, तो उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके साथ लगती अंतरराज्यीय सीमाओं पर परिवहन और आवागमन का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा। इन परियोजनाओं के जमीन पर आने से न केवल पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खनिज संपदा के तेजी से परिवहन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन विकसित करने में बड़ी मदद मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री के इस अनुरोध पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इन परियोजनाओं को भी बहुत जल्द अपनी मंजूरी देने का पूरा आश्वासन दिया है।
डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के इस बड़े विस्तार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के साझा और समन्वित प्रयासों से राज्य में एक आधुनिक और सशक्त रेल नेटवर्क का जाल बिछाया जा रहा है। यह समावेशी विकास छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए आने वाले समय में ये रेल योजनाएं जीवन को सुगम बनाने वाली साबित होंगी।
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