विद्युतीकरण का दिखा असर: जोधपुर रेल मंडल ने दो साल में बचाया 2.84 करोड़ लीटर डीजल, पर्यावरण संरक्षण को मिली रफ्तार व्यापार एक घंटा पहले 2
जोधपुर रेल मंडल ने रेलवे नेटवर्क के तेज विद्युतीकरण के दम पर बीते दो वर्षों में करीब 2.84 करोड़ लीटर डीजल की बचत की है, जिससे ईंधन खर्च और कार्बन उत्सर्जन दोनों में उल्लेखनीय कमी आई है।

जोधपुर रेल मंडल ने रेलवे विद्युतीकरण के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी दर्ज करते हुए पिछले दो वर्षों में लगभग 2.84 करोड़ लीटर डीजल की बचत हासिल की है। नेटवर्क के तेज गति से हो रहे विद्युतीकरण के चलते डीजल इंजनों पर निर्भरता घटी है, जिसका सीधा नतीजा ईंधन खर्च में आई भारी कमी के रूप में सामने आया है।

पर्यावरण को मिला सीधा फायदा

इस पहल का लाभ केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह अहम साबित हुई है। डीजल की खपत कम होने से कार्बन उत्सर्जन और वायु प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हरित परिवहन की दिशा में मंडल का कदम और मजबूत हुआ है।

बढ़ी ऊर्जा दक्षता, घटी लागत

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से ऊर्जा दक्षता में बढ़ोतरी हुई है और परिचालन लागत में कमी आई है। इसके साथ ही ट्रेन सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुचारु ढंग से चल रही हैं।

हरित और सतत विकास की ओर बढ़ता कदम

इस उपलब्धि को भारतीय रेलवे के हरित एवं सतत विकास के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। जोधपुर रेल मंडल की यह सफलता दर्शाती है कि विद्युतीकरण किस तरह आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ आगे बढ़ा सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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