छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक सफल अभियान चलाया है। लैलूंगा पुलिस ने 'ऑपरेशन शंखनाद' के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 6 मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराने में कामयाबी हासिल की है। इन मवेशियों को किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेजों के बिना, पैदल ही हांककर ओडिशा स्थित बूचड़खानों की तरफ ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस तस्करी में शामिल एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए गए इन मवेशियों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 35 हजार रुपये आंकी गई है।
बांधापारा के पास बिछाया जाल
जिले में गौवंश की तस्करी और पशुओं के प्रति की जा रही क्रूरता पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' के दौरान लैलूंगा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध रूप से मवेशियों की खेप को ओडिशा की सीमा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम ने ग्राम बांधापारा के रास्ते पर मोर्चा संभाल लिया और संदिग्धों की घेराबंदी की। जांच के दौरान पुलिस ने एक युवक को 6 गौवंश के साथ हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान लैलूंगा के सिहारधार निवासी 19 वर्षीय मनकितन यादव के तौर पर हुई है।
भूखे-प्यासे पशुओं के साथ बर्बरता
पुलिस के अनुसार, आरोपी इन मवेशियों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में ले जा रहा था। बिना किसी कानूनी अनुमति के इन्हें पैदल हांककर दूर ले जाने के साथ ही रास्ते में इन्हें न तो पर्याप्त चारा-पानी दिया जा रहा था और न ही आराम करने दिया गया। इसके अलावा, आरोपी द्वारा इन बेजुबान पशुओं के साथ मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इन 6 मवेशियों को क्रूर चंगुल से आजाद कराया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति
लैलूंगा पुलिस ने आरोपी मनकितन यादव के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने केवल तस्करी को रोकने तक ही सीमित नहीं रहते हुए, मुक्त कराए गए सभी 6 गौवंश के लिए समुचित चारा और पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रायगढ़ में पशु तस्करी और क्रूरता के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत मिली यह सफलता गौवंश तस्करी रोकने की दिशा में पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
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