राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
2
विचारों
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केरल की राजनीति पर की गई टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को पार्टी ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को महज इतनी नसीहत दी गई थी कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और मोदी सरकार के लिए ‘मददगार’ की भूमिका निभाने से परहेज करें।
माकपा महासचिव का करारा जवाब
माकपा महासचिव एम ए बेबी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “कोई भी राहुल गांधी से यह नहीं कह रहा कि वह पिनराई विजयन को गले लगाएं।”
बेबी ने आगे कहा, “इसके उलट, हम उनसे केवल यह कह रहे हैं कि वह पिनराई विजयन और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर ईडी और मोदी सरकार का मददगार बनने से बचें। यह विपक्ष के नेता का काम नहीं है।”
राहुल गांधी ने बैठक में क्या कहा था
बेबी की यह प्रतिक्रिया तब आई जब आठ जून को हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में दिए गए राहुल गांधी के संबोधन को शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया। बैठक में राहुल गांधी ने कहा था, “हमारे अपने राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन यदि आप मुझसे कह रहे हैं कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को जाकर गले लगाऊं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि मेरा उनके साथ राजनीतिक संघर्ष जारी है।”
राहुल गांधी ने यह बात केरल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा तत्कालीन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पर किए गए हमलों को लेकर माकपा की आपत्ति के संदर्भ में कही थी। उन्होंने यह भी कहा था, “हमें लचीला रुख अपनाना होगा और यह समझना होगा कि हमारे खिलाफ पूरी ताकत से हमला किया जा रहा है, ताकि यह साबित किया जा सके कि विपक्ष कमजोर और बिखरा हुआ है।”
चुनाव प्रचार के आरोपों पर तकरार
सूत्रों के मुताबिक, माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने बैठक के दौरान चुनाव प्रचार में लगाए गए आरोपों पर चिंता जताई थी। केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस ने वाम दल और भाजपा के बीच कथित ‘मौन सहमति’ होने का आरोप लगाया था।
बैठक से पहले बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर इन आरोपों पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि इस तरह के आरोप विपक्षी गठबंधन की सहयोगात्मक भावना के अनुरूप नहीं हैं।
Comments
0 comment