राहुल गांधी का बड़ा दावा: दिल्ली पुलिस की पिटाई से छात्रा ने एक कान की सुनने की क्षमता खोई भारत 4 घंटे पहले 3
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया है और कहा है कि एक छात्रा के कान की सुनने की शक्ति चली गई है।

दिल्ली पुलिस पर राहुल गांधी का गंभीर आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे NSUI के कार्यकर्ताओं और छात्रों को दिल्ली पुलिस ने बुरी तरह प्रताड़ित किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिस की बर्बरता के कारण केरल की एक छात्रा के एक कान की सुनने की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई है। राहुल गांधी के अनुसार, इससे पहले भी उन्होंने एक ऐसे युवक का मामला सामने रखा था जो पुलिसिया कार्रवाई में अपनी आंखों की रोशनी खो चुका है। अब यह एक नया मामला सामने आया है जिसमें एक छात्रा को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा है।

पीड़ित छात्रा ने सुनाई आपबीती

पीड़ित छात्रा अथिरा ने मीडिया के सामने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि वह केरल की रहने वाली हैं और फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही हैं। घटना का जिक्र करते हुए अथिरा ने कहा कि जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, तो उस बस में कोई भी महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी। अथिरा के अनुसार, हिरासत के दौरान महिला पुलिसकर्मी का होना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस ने नियमों को ताक पर रखा। अथिरा ने आरोप लगाया कि जैसे ही बस कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के बाहर रुकी, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके गाल पर लगातार कई वार किए। इस मारपीट के चलते उनकी आंखों और कानों पर गहरा प्रभाव पड़ा है, जिसके कारण वह अब एक कान से सुनने में असमर्थ हैं।

महिला कॉन्स्टेबल पर मारपीट का आरोप

एक अन्य प्रदर्शनकारी छात्रा ने पुलिस की बर्बरता का विस्तार से विवरण दिया। उन्होंने बताया कि NSUI के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, तभी उन्हें तीन बसों में जबरन हिरासत में ले लिया गया। हर बस में करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे। छात्रा का आरोप है कि बस में चंचल यादव नाम की महिला कॉन्स्टेबल ने उनके साथ बदसलूकी की। छात्रा ने बताया कि जब उन्होंने बस से उतरकर विरोध प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की, तो महिला कॉन्स्टेबल ने उनकी गर्दन पकड़कर उन्हें पीछे की ओर धकेल दिया। इस दौरान उनके चेहरे और कान के आसपास नाखून से खरोंचने के निशान पड़ गए। छात्रा का दावा है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो महिला कॉन्स्टेबल ने उन्हें जोर का थप्पड़ मारा और अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दोबारा हमला किया।

राहुल गांधी की चेतावनी: सबूत जमा करें

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को भारत की आवाज बताया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी धर्म, जाति या लिंग की नहीं है, बल्कि यह अन्याय के खिलाफ एक साझा विरोध है। उन्होंने पुलिस बल को चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी छात्रों पर हाथ उठा रहा है, वह अपनी करतूतों का रिकॉर्ड रखे। राहुल गांधी ने सभी पीड़ित छात्रों से अपील की है कि वे हर घटना का वीडियो बनाएं और सबूत अपने पास सुरक्षित रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन सबूतों के जरिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ज्ञानेश कुमार से लेकर निचले स्तर के हवलदार तक, जिन्होंने भी छात्रों के साथ हिंसा की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सजा दिलाई जाएगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप