SIR के मुद्दे पर कांग्रेस की हताशा साफ झलक रही है: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारत एक घंटा पहले 5
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है।

पुष्कर सिंह धामी का कांग्रेस पर करारा हमला

देहरादून में शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसआईआर (SIR) को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय को लेकर लगातार समाज में भ्रामक जानकारियां फैला रहा है। उन्होंने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि पार्टी को अपने पिछले शासनकाल के दौरान हुई प्रक्रियाओं को भी याद करना चाहिए। पूर्व में भी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम नियमित तौर पर होता रहा है, लेकिन उस समय कांग्रेस को ऐसी किसी भी प्रक्रिया से कोई समस्या नहीं थी। अब ठीक उसी तरह के काम पर सवाल उठाना यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस की नीति दोहरी है।

चुनाव आयोग की भूमिका और निष्पक्षता

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और गलतियों से मुक्त बनाना है। इसका एकमात्र लक्ष्य यह है कि देश का कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्थान है। चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाए रखना उसी का प्राथमिक कार्य है, और इस पर अनावश्यक सवाल खड़े करना उचित नहीं है।

राजनीतिक हताशा का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन का मौजूदा रवैया उनकी गहरी राजनीतिक हताशा का प्रमाण है। जनता का भरोसा पहले ही खो चुकी कांग्रेस अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं को विवाद का केंद्र बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। देश में सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्पों पर काम हो रहा है, जिससे कांग्रेस अपनी घटती प्रासंगिकता को लेकर असहज महसूस कर रही है। यही कारण है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को भी विवादित बनाने की कोशिश कर रहे हैं। धामी ने अंत में सलाह दी कि कांग्रेस को लोकतंत्र की मर्यादा समझते हुए भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के साथ चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता के मन में अविश्वास पैदा करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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