कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने के आदेश के खिलाफ कर्नाटक में सड़कों पर उतरे किसान भारत एक घंटा पहले 3
कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देश पर कर्नाटक के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मंड्या और मैसूरु में किसानों ने मशाल जुलूस निकाल कर सरकार से तमिलनाडु को पानी नहीं देने की मांग की है।

कर्नाटक में कावेरी जल विवाद पर गहराया संकट

कावेरी जल विनियमन समिति जिसे CWRC कहा जाता है, उसके द्वारा तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने के निर्देश दिए जाने के बाद कर्नाटक में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। राज्य के मंड्या और मैसूरु जिलों में हालात तनावपूर्ण हैं और लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ता नंजुंडे गौड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान श्रीरंगपट्टना के कुवेम्पु सर्कल में एकत्र हुए और वहां उन्होंने मैसूरु-बेंगलुरु हाईवे पर मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने समिति के इस आदेश की कड़ी निंदा की और अपनी नाराजगी जाहिर की।

किसानों की मांग और चेतावनी

विरोध कर रहे किसानों का साफ कहना है कि कर्नाटक खुद इस समय जल संकट से जूझ रहा है और ऐसी स्थिति में तमिलनाडु को पानी देना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से स्पष्ट आग्रह किया है कि वह समिति के निर्देशों को दरकिनार करते हुए पानी छोड़ने पर रोक लगाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार ने इन निर्देशों का पालन किया और पानी तमिलनाडु की तरफ छोड़ा, तो राज्य में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले लेगा और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए जाएंगे।

पूरे राज्य में प्रदर्शन की तैयारी

बुधवार को कावेरी डेल्टा क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। राज्य के विभिन्न कन्नड़ संगठनों ने इस फैसले का पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में राज्य में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।

CWRC और जल विवाद की पृष्ठभूमि

कावेरी जल विनियमन समिति जून, 2018 में केंद्र सरकार द्वारा स्थापित की गई थी। इस समिति का मुख्य कार्य कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के बीच कावेरी नदी के पानी के बँटवारे और प्रबंधन की निगरानी करना है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा तय करने का काम करती है।

कावेरी जल विवाद का इतिहास काफी पुराना और जटिल है, जिसमें कानूनी और राजनीतिक दोनों पहलू जुड़े हुए हैं। कावेरी नदी कर्नाटक के कोडगु जिले की ब्रह्मगिरि पहाड़ियों में स्थित Talakaveri से निकलती है, जो समुद्र तल से 1 हजार 341 मीटर की ऊंचाई पर है। यह नदी कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए तमिलनाडु के Poompuhar के पास बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।

यह समाचार निरंतर अपडेट किया जा रहा है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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