प्रतापगढ़ में अवैध खनन माफिया का कहर, रेंजर प्रताप सिंह की डंपर से कुचलकर हत्या से परिवार बेसहारा राजस्थान एक घंटा पहले 3
प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गए रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत की डंपर से कुचलकर जान चली गई। इस घटना से उनके परिवार का सहारा छिन गया है और स्थानीय स्तर पर उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग उठ रही है।

गहरे संकट में परिवार

प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी इलाके में अवैध खनन माफिया के खिलाफ अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले 40 वर्षीय रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत का परिवार इस समय गहरे सदमे और आर्थिक संकट में है। प्रताप सिंह अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। उनके निधन से पत्नी आशा कुंवर, 13 वर्षीय बेटी गुंजन और 8 वर्षीय बेटे अनिरुद्ध के सिर से पिता का साया उठ गया है। इससे कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया था।

वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भूमिका

प्रताप सिंह लगभग दो साल पहले छोटी सादड़ी में तैनात हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान वे वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर और सक्रिय रहे। उन्होंने बाघ, तेंदुआ, अजगर और मगरमच्छ जैसे जंगली जानवरों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। वे न केवल एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, बल्कि एक बेहतरीन तैराक और कुशल निशानेबाज भी थे, जिन्होंने कई बार अपनी काबिलियत साबित की थी।

जांच और शहीद का दर्जा देने की मांग

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के दौरान डंपर से कुचलकर हुई रेंजर की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन हरकत में है। पुलिस ने मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और डंपर चालक की धरपकड़ के लिए तलाश जारी है। वहीं, रेंजर के परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार से प्रताप सिंह को शहीद का दर्जा देने की पुरजोर मांग की है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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