जम्मू-कश्मीर
57 मिनट पहले
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पुंछ में बारूदी सुरंग डिफ्यूज करने के दौरान बड़ा हादसा
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा यानी LOC के पास एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। बुधवार की शाम को सेना के जवान उस समय घायल हो गए जब वे एक बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मेंढर सेक्टर के कांगा गली इलाके में घटी। घायल हुए दोनों जवानों को तुरंत प्रभाव से इलाज के लिए सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ यह हादसा
सुरक्षा अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सेना की एक गश्ती टीम को इलाके में गश्त के दौरान यह बारूदी सुरंग दिखाई दी थी। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया ताकि इस विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके। दुर्भाग्यवश, निष्प्रभावीकरण की प्रक्रिया के दौरान ही अचानक विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आकर दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
बारिश के कारण अपनी जगह से हट जाती हैं सुरंगें
सेना के जानकारों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ विरोधी सुरक्षा प्रणाली के तहत सीमावर्ती इलाकों में आगे की तरफ बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं। हालांकि, पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण, कई बार तेज बारिश या भूस्खलन के चलते ये सुरंगें अपनी निर्धारित जगह से खिसक जाती हैं या बहकर बाहर आ जाती हैं, जो बाद में सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ा खतरा बन जाती हैं।
नलवा देगवार तेर्वन में मिला विस्फोटक
इसी बीच, नलवा देगवार तेर्वन क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों को एक जंग लगा हुआ बिना फटा हुआ विस्फोटक उपकरण मिला। सेना के बम निरोधक दस्ते ने इस विस्फोटक को बेहद सावधानी बरतते हुए सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह संभवतः एक हथगोला था जिसे वहां सड़क निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों ने सबसे पहले देखा था।
सोपोर के एक घर से बरामद हुए 45 गोले
एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अमलगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले घाट निंगली और शीर कॉलोनी इलाके में बड़ी सफलता हाथ लगी। यहां एक रिहायशी मकान से कबाड़ के रूप में रखे गए 45 गोले बरामद किए गए हैं।
यह साझा तलाशी अभियान सोपोर पुलिस की SOG यूनिट, सीआरपीएफ की 177वीं बटालियन और सेना की 52वीं राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था। जांच के दौरान शीर कॉलोनी के निवासी शाहबाज अजीज डार के घर से ये 45 गोले जब्त किए गए। सुरक्षा बलों ने इन सभी गोलों को अपने कब्जे में ले लिया है और बरामदगी के पीछे के उद्देश्यों व इनके स्रोत की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की साजिश का पता लगाया जा सके।
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