दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भारी सुरक्षा, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से लगा डीएनडी पर जाम उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 41
जंतर-मंतर पर हो रहे एक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नोएडा-दिल्ली सीमाओं पर चेकिंग बढ़ा दी है, जिसके कारण डीएनडी फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

नोएडा-दिल्ली सीमा पर वाहनों का दबाव बढ़ा

दिल्ली के हृदय स्थल जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली और नोएडा के बीच आवाजाही करने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों की हलचल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नोएडा से दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी बॉर्डर पॉइंट्स पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया है। प्रत्येक वाहन की गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की गई है, जिससे वाहनों की गति पर बुरा असर पड़ा है। नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी ट्रैफिक का दबाव है, जिसके चलते गाड़ियों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है।

डीएनडी फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी कतार

ट्रैफिक का सबसे बुरा असर नोएडा और दिल्ली को आपस में जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईओवर पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा जांच के नाम पर गाड़ियों को बारीकी से चेक किए जाने के कारण यहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। सुबह दफ्तर जाने वाले और अन्य जरूरी कामों से निकले नागरिक इस जाम में घंटों से फंसे हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ने को मजबूर हैं। सड़क पर गाड़ियों की कतारें लंबी होने से आम जनता का समय बर्बाद हो रहा है और भारी अफरा-तफरी का माहौल है।

नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा हंगामा कॉक्रोच जनता पार्टी यानी सीजेपी द्वारा निकाला जा रहा है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक के मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। संगठन के सदस्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस का स्पष्ट कहना है कि उन्हें इस विरोध मार्च के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा का कड़ा पहरा

फिलहाल जंतर-मंतर पर करीब 5 से 6 हजार लोग अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए हैं। इन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। यहां तीन स्तरों वाली बैरिकेडिंग की गई है। संभावित उपद्रव को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है, जिसके तहत आंसू गैस के गोले, लाठियां और वज्र वाहन जैसी सुविधाएं तैनात रखी गई हैं। दिल्ली में वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएस की धारा 163 लागू है। इस धारा के अंतर्गत जंतर-मंतर के निर्धारित क्षेत्र को छोड़कर पूरी दिल्ली में 5 या उससे अधिक लोगों के एक साथ जुटने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

पुलिस का रुख और निषेधाज्ञा

दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति ली गई है और न ही प्रशासन द्वारा इसकी इजाजत दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 163 लागू होने के कारण बिना पूर्व स्वीकृति के विरोध प्रदर्शन करना या रैली निकालना कानूनन अपराध है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखें और कानून का उल्लंघन न करें। पुलिस अपनी कड़ी चौकसी के जरिए शहर की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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