प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच फोन पर हुई अहम बातचीत भारत 2 महीने पहले 71
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर चर्चा की है, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और शांति बहाली पर जोर दिया गया है।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन के साथ फोन पर विस्तृत बातचीत की है। इस संवाद के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया में हाल ही में घटी घटनाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच बनी हालिया सहमति का सकारात्मक स्वागत किया। भारत का इस विषय पर रुख स्पष्ट रहा है कि किसी भी जटिल मुद्दे का समाधान केवल आपसी बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकाला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, साथ ही व्यापारिक गतिविधियों और समुद्री आवाजाही की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल के जरिए इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन के साथ पश्चिम एशिया के हालातों पर सार्थक चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वे इस दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं और उन्हें उम्मीद है कि निरंतर किए जा रहे प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी शांति बहाल हो सकेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और पूरी दुनिया के लिए वहां समुद्री आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का लंबा इतिहास

लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक और भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कई बार बैठकों के माध्यम से मसलों को सुलझाने का प्रयास किया है, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। इस तनाव की जड़ में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले को माना जाता है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई थी। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के प्रयास भी किए गए हैं। हालांकि, स्थिति तब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई जब लेबनान पर इजरायल के हमले जारी रहे। इन हमलों को लेकर ईरान ने अपनी सख्त चेतावनी जारी की है, जिससे पश्चिम एशिया में सुरक्षा का माहौल संवेदनशील बना हुआ है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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