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एक घंटा पहले
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भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते राजनयिक संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के नागरिकों को देश के ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने एक संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता महज एक रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं अधिक गहरा है। उन्होंने दोनों देशों के बीच लोकतंत्र, कानून के शासन और मानव क्षमता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को इस दोस्ती की असली बुनियाद बताया।
साझा मूल्यों और भविष्य की प्रगति पर प्रधानमंत्री का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बधाई संदेश में दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच के मजबूत वैचारिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि द्विपक्षीय संबंधों का यह सफर आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगा। पीएम मोदी का मानना है कि दोनों देशों की यह मजबूत दोस्ती न केवल उनके अपने नागरिकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया की भलाई के लिए एक सकारात्मक शक्ति के रूप में काम करती है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए अपने संदेश में लिखा, "1.4 अरब भारतीयों की ओर से, मैं राष्ट्रपति ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपकी स्वतंत्रता की ऐतिहासिक 250वीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई देता हूं। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी से भी बढ़कर संबंध हैं। लोकतंत्र, कानून के शासन और हमारे लोगों की असीम क्षमता में हमारा साझा विश्वास हमारी दोस्ती को वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत बनाता है।"
प्रधानमंत्री ने अमेरिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले 250 साल अमेरिका के लिए और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति लेकर आएंगे। इसके साथ ही उन्होंने भारत-अमेरिका की वैश्विक साझेदारी को एक नए युग में ले जाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
अमेरिका में भव्य ऐतिहासिक आयोजन और राजनीतिक बहस
इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को मनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार को एक बेहद भव्य कार्यक्रम की मेजबानी करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम पिछले कई हफ्तों से चल रहे विभिन्न समारोहों का समापन बिंदु है। हालांकि, देश के भीतर इन आयोजनों को लेकर कुछ राजनीतिक विवाद भी खड़े हो गए हैं। ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों ने इन कार्यक्रमों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि ये आयोजन धीरे-धीरे दलीय राजनीति और पक्षपात का रूप लेते जा रहे हैं।
इन विवादों के बावजूद, पूरे अमेरिका में नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर को पारंपरिक 'फोर्थ ऑफ जुलाई' (चार जुलाई) के तर्ज पर बेहद उत्साह के साथ मना रहे हैं। इस राष्ट्रीय उत्सव के तहत देशभर में शानदार आतिशबाजी, भव्य परेड और विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, फिलाडेल्फिया में एक विशाल छह घंटे लंबा संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया है, वहीं न्यूयॉर्क शहर में दुनिया भर के विशाल और ऐतिहासिक जहाजों की एक भव्य परेड निकाली जा रही है जो लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी-ट्रंप की हालिया बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले ही महीने फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स क्षेत्र में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी। इस बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ अपनी बातचीत को बेहद सकारात्मक और शानदार बताया था। दोनों नेताओं की यह मुलाकात कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देश पिछले कुछ समय से अपने आपसी संबंधों को एक नई और स्थिर दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।
दरअसल, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के रिश्तों में व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ) को लेकर विवाद, भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की ट्रंप की पेशकश पर असहमति, और अमेरिका की सख्त आव्रजन नीतियों के कारण कुछ तनाव देखा गया था, जिससे बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक प्रभावित हुए थे। इसके अलावा, ओमान के पास वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत के कारण भी दोनों देशों के बीच कूटनीतिक असहजता पैदा हुई थी। ऐसे में, फ्रांस में हुई इस मुलाकात और अब स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की ओर से दी गई इस गर्मजोशी भरी बधाई को दोनों देशों के बीच रिश्तों को फिर से पूरी तरह से पटरी पर लाने और उन्हें अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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