संविधान हत्या दिवस: पीएम मोदी और सीएम योगी ने इमरजेंसी के काले दौर को याद कर दी श्रद्धांजलि भारत एक घंटा पहले 2
इमरजेंसी की 51वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के इतिहास के उस कठिन दौर को याद किया है। बीजेपी के तमाम शीर्ष नेताओं ने इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में चिह्नित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया है।

इमरजेंसी के विरोध में एकजुट हुए बीजेपी नेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने आपातकाल की 51वीं बरसी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने आपातकाल को भारतीय इतिहास के सबसे काले और चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक करार दिया है।

पीएम मोदी का सोशल मीडिया पर संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि आज का दिन संविधान हत्या दिवस के रूप में उस दौर की याद दिलाता है जब भारतीय लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि यह दिन हमें संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जिन्होंने उस कठिन समय में आपातकाल का डटकर विरोध किया था।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले की निंदा

प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि आपातकाल हमारे संविधान पर सीधा हमला था। इस दौरान नागरिकों की स्वतंत्रता को छीन लिया गया था और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी। उन्होंने उल्लेख किया कि उस समय न केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को भी कमजोर करने का प्रयास किया गया था।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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