बिहार
एक घंटा पहले
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बिहार में मानसून के दस्तक देने के बावजूद फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक राज्य में अगले 3 से 4 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होने वाला है। हालांकि इसी बीच विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों का मौसमी ब्योरा
आईएमडी के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान बिहार में मौसम मिला-जुला बना रहा। राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि शेष इलाकों में मौसम सूखा बना रहा।
अधिकतम तापमान के लिहाज से कैमूर (भभुआ) सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 39.9 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। राज्य भर में अधिकतम तापमान 32.7°C से 39.9°C के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 25.0 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। बीते 24 घंटों में राज्य के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। इस दौरान रोहतास जिले में हवा की अधिकतम रफ्तार 29 किमी प्रति घंटा मापी गई।
मानसून और मौसमी सिस्टम का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा इस समय बिहार के मुजफ्फरपुर तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक इंड्यूस्ड साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है। एक मौसमी द्रोणिका पाकिस्तान से बांग्लादेश तक फैली है, जिसके असर से बिहार में हवाओं का रुख बदला है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।
अगले 24 घंटों का हाई अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग चेतावनियां जारी की हैं। औरंगाबाद, भभुआ, गया, नवादा और रोहतास जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अरवल, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, जहानाबाद, लखीसराय, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिलों में वज्रपात के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा राज्य के उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व भाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर वज्रपात के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
तापमान में बदलाव के आसार नहीं
अगले 3 से 4 दिनों तक बिहार के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी खास बदलाव की संभावना नहीं है। इसका मतलब यह है कि राज्य में भीषण गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक गर्मी अपने सामान्य स्तर पर बनी रहेगी और आम लोगों को फिलहाल लू जैसी स्थिति या उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ सकती है।
बिहार में मानसून की मौजूदा स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा यानी NLM इस समय बिहार के मुजफ्फरपुर जिले तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में राज्य के बाकी हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद जताई है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने औरंगाबाद, भभुआ, गया, नवादा और रोहतास जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। यहां मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ भारी बारिश तथा 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
राज्य का सबसे गर्म जिला
बीते 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार कैमूर (भभुआ) बिहार का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9°C दर्ज किया गया।
क्या गर्मी से जल्द राहत मिलेगी
फिलहाल राहत के आसार कम हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है, यानी गर्मी और उमस का दौर बना रहेगा।
वज्रपात के दौरान बरतें ये सावधानियां
बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान खुले आसमान के नीचे न रहें और जल्द से जल्द किसी पक्के मकान में शरण लें। ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु से बनी वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। तेज हवा के समय कच्चे मकानों या टीन के शेड के नीचे रुकने से बचें।
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