बिहार
एक दिन पहले
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तेज प्रताप यादव पर पुलिस का बड़ा शिकंजा
बिहार के पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में आ गए हैं। हाल ही में पटना में हुए एक छात्र आंदोलन के दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। अब इस पूरे मामले की एफआईआर कॉपी सामने आ गई है, जिसने घटना की गंभीरता को उजागर कर दिया है। इस एफआईआर में तेज प्रताप पर पुलिस पर जानलेवा हमले का नेतृत्व करने और हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया है।
क्या है एफआईआर में दर्ज शिकायत?
यह मामला गांधी मैदान के गेट नंबर-10 पर तैनात दंडाधिकारी विजय कुमार तिवारी की लिखित शिकायत पर दर्ज हुआ है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की है। उस समय कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) के सैकड़ों कार्यकर्ता अचानक वहां जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बांकीपुर में लागू थी आचार संहिता
एफआईआर में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि उस समय बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव-2026 के कारण पूरे इलाके में आदर्श आचार संहिता प्रभाव में थी। जिला प्रशासन की ओर से माइक के जरिए प्रदर्शनकारियों को बार-बार चेतावनी दी गई कि वे वहां से हट जाएं और प्रदर्शन न करें। हालांकि, प्रशासन के तमाम निर्देशों की अनदेखी करते हुए वहां करीब 1000 लोगों की भीड़ डटी रही। शिकायत में कहा गया है कि बिना किसी वैध अनुमति के इस तरह का प्रदर्शन कानून का सीधा उल्लंघन था।
पुलिस बल पर हुआ जानलेवा हमला
मामले का सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिस बल पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। एफआईआर में दावा किया गया है कि ठीक इसी समय तेज प्रताप यादव वहां भीड़ के बीच पहुंचे और उन्होंने इस हिंसक भीड़ का नेतृत्व संभाला। पुलिस का आरोप है कि तेज प्रताप की अगुवाई में ही भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें गांधी मैदान थाना अध्यक्ष समेत लगभग आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने एफआईआर में तेज प्रताप यादव के अलावा करीब 1000 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 सहित कई अन्य महत्वपूर्ण धाराएं जोड़ी गई हैं। फिलहाल, पटना पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल अन्य दोषियों की पहचान की जा सके।
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