बिहार
एक घंटा पहले
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सरकार के फैसलों पर तेजस्वी का प्रहार
बिहार में नीट पेपर लीक का मुद्दा और उसके बाद छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई अब राज्य की राजनीति का मुख्य केंद्र बन चुकी है। राज्य सरकार की ओर से प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने के निर्णय के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को सीधे घेरे में लिया है।
विपक्ष के दबाव में लिया गया फैसला
तेजस्वी यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि मुकदमों को वापस लेने का सरकार का यह ऐलान वास्तव में विपक्ष द्वारा दिए गए अल्टीमेटम का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह कदम मजबूर होकर उठाया है। तेजस्वी ने राज्य के अधिकारियों को कड़े शब्दों में आगाह करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी गलत काम में सम्राट चौधरी के भरोसे नहीं बैठना चाहिए क्योंकि वह उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आएंगे।
न्यायिक जांच की मांग पर जोर
अपनी प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है। तेजस्वी ने राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार की विफलता करार दिया है।
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