पटना में सफर हुआ आसान: आईएसबीटी से कंकड़बाग और स्टेशन तक मेट्रो की नई शुरुआत, जानें किराया और फायदे बिहार 2 महीने पहले 72
पटना के पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू होने से लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम और ऑटो की झंझट से मुक्ति मिल गई है। मात्र 30 रुपये के किराये में यात्री अब मिनटों में अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।

पटना में मेट्रो सेवा का विस्तार

बिहार की राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जिसे आईएसबीटी के नाम से जाना जाता है, से कंकड़बाग और मलाही पकड़ी जैसे व्यस्त इलाकों तक पहुँचने के लिए यात्रियों को ऑटो रिक्शा की तलाश में भटकने या सड़क पर ट्रैफिक जाम में घंटों बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गुरुवार को मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई सेवा के साथ ही पटनावासियों को एक तेज, किफायती और अत्यंत आरामदायक यात्रा का विकल्प मिल गया है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो इलाज के लिए अस्पतालों की ओर रुख करते हैं, छात्र जो शिक्षण संस्थानों तक जाना चाहते हैं और वे यात्री जो रेलवे स्टेशन तक पहुंचने की जल्दी में रहते हैं।

6.2 किलोमीटर का सफर अब मात्र 15-16 मिनट में

पटना मेट्रो का परिचालन अब एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार करते हुए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से लेकर मलाही पकड़ी तक विस्तृत हो गया है। यह पूरा रूट 6.2 किलोमीटर लंबा है और मेट्रो के माध्यम से इस दूरी को तय करने में केवल 15 से 16 मिनट का समय लगेगा। सेवा की उपलब्धता को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, इस रूट पर मेट्रो ट्रेनें सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक लगातार दौड़ेंगी। पूरे दिन में मेट्रो की कुल 22 फेरे (ट्रिप) निर्धारित की गई हैं, जिससे यात्रियों को ट्रेन मिलने में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि पहले यह मेट्रो सेवा केवल भूतनाथ स्टेशन तक ही सीमित थी, लेकिन अब मलाही पकड़ी तक विस्तार होने से पूर्वी पटना के निवासियों और यात्रियों को अभूतपूर्व सुविधा मिली है।

किफायती किराया और आरामदायक यात्रा

मेट्रो सेवा के किराये को आम जनता की जेब को ध्यान में रखते हुए बहुत ही किफायती रखा गया है। मलाही पकड़ी से भूतनाथ स्टेशन तक की यात्रा करने के लिए यात्रियों को केवल 15 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, यदि कोई यात्री मलाही पकड़ी से सीधे पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तक जाना चाहता है, तो उसे 30 रुपये का किराया देना होगा। यदि इसी दूरी को सड़क मार्ग से ऑटो रिक्शा द्वारा तय किया जाए, तो यात्रियों को अक्सर 40 रुपये या उससे भी अधिक का खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में मेट्रो न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचा रही है, बल्कि उनकी जेब पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी काफी कम कर रही है।

कंकड़बाग के मेडिकल हब तक आसान पहुंच

पटना का कंकड़बाग इलाका शहर का सबसे बड़ा मेडिकल हब माना जाता है। यहाँ सैकड़ों की संख्या में निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम और बड़े अस्पताल स्थित हैं। यह इलाका डॉक्टरों की कॉलोनी के रूप में भी प्रसिद्ध है, जहाँ हर दिन बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं। पूर्व में जब मरीज आईएसबीटी बस स्टैंड पर उतरते थे, तो उन्हें अस्पताल तक पहुंचने के लिए ऑटो रिजर्व करने पड़ते थे या भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था। अब, मेट्रो के जरिए वे सीधे मलाही पकड़ी उतर सकते हैं, जहाँ से कंकड़बाग और राजेंद्रनगर के मुख्य अस्पताल अत्यंत निकट हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों का पैसा, समय और शारीरिक परेशानी तीनों की बचत होगी।

रेल यात्रियों के लिए भी सुगम रास्ता

मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के चालू होने से उन रेल यात्रियों को भी बड़ी राहत मिली है जो शहर से बाहर यात्रा करते हैं। मलाही पकड़ी से राजेंद्रनगर टर्मिनल की दूरी महज 2 किलोमीटर है, जहाँ से आसानी से ऑटो मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, पटना जंक्शन जाने के लिए भी मलाही पकड़ी से सीधे परिवहन के साधन उपलब्ध हैं। इससे बाहर के जिलों से बस द्वारा पटना आने वाले यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी ट्रेन पकड़ सकेंगे। छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए यह मेट्रो सेवा एक नई जीवनरेखा बनकर उभरी है, क्योंकि कंकड़बाग और राजेंद्रनगर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर और दफ्तर हैं। जाम से मुक्ति मिलने के कारण अब वे तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।

सड़क मार्ग की बाधाओं से मुक्ति

पटना बायपास पर अक्सर भारी ट्रैफिक का दबाव, लंबा जाम और धूल-मिट्टी की समस्या यात्रियों के लिए सिरदर्द बनी रहती है। विशेष रूप से बारिश के मौसम या त्योहारों के दौरान सड़कों की स्थिति और भी विकट हो जाती है। ऐसे में मेट्रो यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई है। वातानुकूलित (एयर कंडीशंड) कोच, समयबद्ध परिचालन और आरामदायक यात्रा के अनुभव के कारण, अब लोग सड़क पर धूल फांकने के बजाय मेट्रो को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बदलाव पटना के शहरी परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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