राबड़ी देवी के 'हीरे जड़ित कंगन' को लेकर बिहार में सियासी घमासान, JDU एमएलसी ने EOU से जांच की मांग की बिहार एक घंटा पहले 2
लालू यादव के जन्मदिन पर लोक गायक छोटू छलिया को कथित तौर पर भेंट किए गए हीरे जड़ित कंगन पर बिहार की सियासत गरमा गई है। जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने आर्थिक अपराध इकाई को पत्र लिखकर कंगन की खरीद, भुगतान और स्रोत की जांच की मांग की है।

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा गायक छोटू छलिया को भेंट किए गए हीरे जड़ित कंगन को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एमएलसी नीरज कुमार ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है। अपने पत्र में उन्होंने सवाल किया है कि यह कंगन कितने में खरीदा गया और इसका भुगतान किस तरह किया गया। नीरज कुमार ने इस प्रकरण में उचित कार्रवाई की भी मांग की है।

नीरज कुमार ने क्या कहा

अपनी मांग को पुख्ता करते हुए नीरज कुमार ने बयान भी जारी किया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के जन्मदिन के अवसर पर भोजपुरी गायक छोटू छलिया, जो लंबे अरसे से लालू प्रसाद और उनके परिवार की सेवा में रहे हैं, उन्हें राबड़ी देवी ने कंगन दिया। छोटू छलिया का कहना है कि यह हीरे का कंगन है।

नीरज कुमार ने सवाल उठाया कि यह हीरे का कंगन आखिर कहां से आया, इसका स्रोत क्या है, इसकी रसीद कहां है और इसकी बाजार कीमत कितनी है। उन्होंने मांग की कि आयकर अधिनियम 1961, बेनामी लेन-देन अधिनियम 1988 और धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 सहित विभिन्न कानूनों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करना लालू परिवार की राजनीतिक नियति रही है, इसलिए यह कंगन किसने किसको दिया, इसका पूरा ब्यौरा सामने आना चाहिए और निश्चित रूप से इसकी जांच होनी चाहिए।

छोटू छलिया ने इसे बताया था 'बहुमूल्य'

उल्लेखनीय है कि लालू यादव के जन्मदिन के मौके पर राबड़ी देवी ने लोक गायक छोटू छलिया को हीरे जड़ित कंगन भेंट किया था। खुद छोटू छलिया ने भी इसे 'बहुमूल्य' करार दिया था। इसके बाद से ही यह कंगन चर्चा के केंद्र में है और जदयू लगातार इसकी जांच की मांग कर रहा है।

जदयू का आरोप है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को उपहार में मिली कीमती वस्तुओं के स्रोत का खुलासा करना चाहिए। दूसरी ओर, राजद की तरफ से इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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