सावन में बदला बिहार का मौसम, इन 7 जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट, जानें मौसम विभाग की चेतावनी बिहार एक घंटा पहले 3
बिहार में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से सावन के महीने में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 7 प्रमुख जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है।

सावन का महीना आधा बीत चुका है और इसी बीच बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। बिहार के विभिन्न हिस्सों में कहीं उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो कहीं झमाझम बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है। इसी बीच, पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी किया है, जिसमें कल यानी 31 जुलाई के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की गंभीर चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के इस नए अपडेट के बाद प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

बिहार के इन 7 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 31 जुलाई को बिहार के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के 7 प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों के लिए विशेष तौर पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • अररिया
  • बांका
  • कटिहार
  • पूर्णिया
  • सुपौल
  • भभुआ (कैमूर)
  • पश्चिमी चंपारण

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों में भारी वर्षा के साथ-साथ राज्य के उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी प्रबल आशंका है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली यानी ठनका गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है।

पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम का हाल

अगर पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें, तो बिहार के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश कटिहार जिले के मनिहारी में दर्ज की गई, जहां 45.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा कटिहार के ही कोढ़ा में 42.2 मिलीमीटर और अमदाबाद में 32.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सुपौल जिले में दर्ज किया गया, जहां पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान अरवल जिले में रिकॉर्ड किया गया, जो 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी पटना की बात करें तो यहां बारिश तो बहुत अधिक नहीं हुई, लेकिन दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और करीब 43 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली।

मौसम बदलने की मुख्य वजह और वैज्ञानिक विश्लेषण

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मौसम में हो रहे इस बड़े बदलाव के पीछे कई महत्वपूर्ण मौसमी कारक जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से मध्य छत्तीसगढ़ और उससे सटे इलाकों में एक डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा, मानसून की ट्रफ लाइन और वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में बना चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी बिहार के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बिहार के वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

आगामी 5 दिनों के तापमान का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने तापमान को लेकर भी अपना पूर्वानुमान साझा किया है। राहत की बात यह है कि आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक पूरे राज्य में दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है। इसी तरह, अगले 5 दिनों तक रात के तापमान में भी स्थिरता बनी रहेगी, जिसके 24 डिग्री सेल्सियस से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।

मौसम विभाग की विशेष सलाह और सुरक्षा निर्देश

मौसम विभाग ने राज्य में वज्रपात (ठनका) और तेज आंधी की आशंका को देखते हुए आम जनता और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। IMD ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान निम्नलिखित सावधानियां अवश्य बरतें:

  • मेघगर्जन या बारिश शुरू होने पर खुले मैदानों, कृषि क्षेत्रों या जलाशयों के पास रुकने से पूरी तरह बचें।
  • बारिश या आंधी-तूफान के समय भूलकर भी बड़े और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, क्योंकि इन पर बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक होता है।
  • जैसे ही वज्रपात जैसी स्थिति बनती दिखाई दे, तुरंत किसी पक्के मकान या किसी अन्य सुरक्षित कंक्रीट की छत वाले स्थान के नीचे चले जाएं।
  • खेतों में काम कर रहे किसान भाई मौसम के बदलते ही तुरंत अपने काम को रोक दें और किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी बरतकर बड़े हादसों से बचा जा सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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