राघव चड्ढा के बाद अब दिग्गज सांसद का नाम वोटर लिस्ट से नदारद, परिवार के सदस्य भी बाहर पंजाब एक घंटा पहले 5
पंजाब में वोटर लिस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बाद अब पटियाला से कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी और उनके पूरे परिवार का नाम भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब पाया गया है।

वोटर लिस्ट से गायब हुआ कांग्रेस सांसद का नाम

पंजाब की राजनीति में उस वक्त एक नई चर्चा शुरू हो गई, जब पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी का नाम मतदाता सूची यानी वोटर लिस्ट से गायब मिला। हाल ही में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जिससे काफी राजनीतिक हलचल मची थी। अब धर्मवीर गांधी के साथ हुई इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद गांधी ने जानकारी दी है कि न केवल उनका, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं।

सांसद ने उठाए गंभीर सवाल

डॉ. धर्मवीर गांधी ने इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि वे साल 2000 के आसपास से इसी पते पर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसी घर और पते के आधार पर तीन बार लोकसभा चुनाव लड़े हैं और दो बार जीत हासिल की है। सांसद के अनुसार, उनका यह पता सभी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है और आधिकारिक दस्तावेजों में भी प्रमाणित है। इसके बावजूद ड्राफ्ट सूची में नाम का न होना समझ से परे है। उन्होंने कहा, मेरे परिवार के वोट समेत मेरा नाम भी वोटर लिस्ट से गायब है।

प्रशासन के पास दर्ज कराई आपत्ति

इस गड़बड़ी का पता चलने के बाद डॉ. धर्मवीर गांधी ने तत्काल प्रभाव से डिप्टी कमिश्नर-सह-जिला चुनाव अधिकारी के कार्यालय में आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है। अपनी दावेदारी को पुख्ता करने के लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां भी जमा की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए उन्होंने अपना पासपोर्ट, 10वीं कक्षा की मार्कशीट और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र अधिकारियों को सौंप दिए हैं। ये दस्तावेज उनके स्वयं के अलावा उनकी पत्नी जगदंबा कौशल, बेटे निवेंदु प्राशर और बेटी रोहिणी प्राशर के लिए जमा किए गए हैं ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम दोबारा जुड़ सकें।

अधिकारियों का क्या है तर्क

सांसद के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज विवरण और वर्तमान में जमा किए गए दस्तावेजों के मिलान में विसंगतियां हो सकती हैं, जिसके कारण यह तकनीकी चूक होने की संभावना है। हालांकि, किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर इस विशेष मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है।

नागरिकों के लिए जरूरी सूचना

प्रशासन ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR प्रक्रिया के बाद सूची अपडेट की जा रही है। अधिकारियों ने पंजाब के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम की जांच जरूर कर लें। जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, उनके पास 13 अगस्त से 12 सितंबर तक का समय है। इस अवधि के भीतर वे अपने दावों और जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं ताकि फाइनल वोटर लिस्ट में उनके नाम शामिल किए जा सकें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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