परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द, बड़ी कार्रवाई पंजाब एक घंटा पहले 6
पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा की हत्या के आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में बड़ा एक्शन

समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा की नृशंस हत्या के मामले में पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने एक निर्णायक कदम उठाया है। काउंसिल ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए पंजाब फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सुनील बंसल ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया गया है। जानकारी के अनुसार, अश्वनी कुमार को यह रजिस्ट्रेशन 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया था, जिसे अब प्रशासन ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई और मामले की गंभीरता

फार्मेसी काउंसिल द्वारा की गई यह कार्रवाई परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। इस घटना के बाद से ही इलाके में लगातार न्याय की मांग उठ रही थी। इस प्रशासनिक कदम ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला खड़ा किया है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की आगामी कार्यप्रणाली और अदालती प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

क्या थी घटना की पूरी पृष्ठभूमि

नशे के खिलाफ मुखर आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मानसा के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई थी। झोटा वहां एक मेडिकल स्टोर संचालक से पूछताछ कर रहे थे, जिसमें एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचने का आरोप था। बहस के दौरान स्थिति बिगड़ गई और मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार ने उन पर गोलियां बरसा दीं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। हालांकि, हत्या के बाद आरोपी वहां से भाग निकला था, लेकिन बाद में उसे राजस्थान से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान हुई वारदात

परविंदर झोटा मानसा के निवासी थे और लंबे समय से ड्रग्स के विरुद्ध सक्रिय अभियान चला रहे थे। जिस समय यह दर्दनाक घटना घटी, झोटा अपने फेसबुक पेज पर लाइव थे। इस लाइव प्रसारण में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था।

राजनीतिक सरगर्मी और प्रतिक्रियाएं

इस हत्याकांड ने पंजाब की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान की समीक्षा के दौरान फिल्लौर में अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और यदि किसी बड़ी साजिश का संकेत मिलता है, तो उसका पर्दाफाश किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप