दीवाली पर घर की पुताई के दौरान इन गलतियों से बचें, वरना 6 महीने में ही खराब हो जाएगी दीवारों की चमक जीवनशैली एक घंटा पहले 5
दीपावली के मौके पर घर को नया लुक देने की होड़ में अक्सर लोग दीवारों की सही तैयारी करना भूल जाते हैं, जिससे महंगा पेंट भी कुछ ही महीनों में उखड़ने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार पुताई से पहले की गई सही देखरेख ही लंबे समय तक दीवारों की रौनक बनाए रख सकती है।

दीवाली की चमक के लिए दीवारों की सही तैयारी

दीपावली का त्योहार आते ही हर घर में रौनक बढ़ जाती है। लोग अपने आशियाने को नया और खूबसूरत बनाने के लिए पेंटिंग का काम करवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार से सबसे महंगा पेंट खरीदने के बावजूद कई बार दीवारों पर लगाया गया रंग कुछ ही महीनों में उखड़ने लगता है या उसकी चमक फीकी पड़ जाती है? इसका मुख्य कारण पेंट की गुणवत्ता नहीं, बल्कि पुताई से ठीक पहले दीवारों की तैयारी में की गई कोताही है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बीते 16 वर्षों से पेंटिंग का काम कर रहे जानकार पीताम्बर रजक का कहना है कि सिर्फ अच्छे पेंट का चुनाव पर्याप्त नहीं है। दीवारों की स्थिति को समझना और पुताई से पहले की गई जरूरी प्रक्रियाएं ही घर को लंबे समय तक नया जैसा बनाए रखती हैं।

दीवारों की सफाई है सबसे पहला कदम

पुताई शुरू करने से पहले सबसे जरूरी काम दीवारों की गहन सफाई है। अक्सर लोग पुरानी दीवारों पर सीधे नया रंग या पुट्टी लगा देते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। समय के साथ दीवारों पर धूल, मिट्टी और पुराने पेंट की परत जमा हो जाती है। इसके अलावा, कई स्थानों पर पुट्टी उखड़ने लगती है और पुराना पेंट पपड़ी बनकर झड़ने लगता है। पीताम्बर रजक बताते हैं कि यदि ऐसी सतह पर सीधे नया पेंट लगा दिया जाए, तो वह टिक नहीं पाएगा। इसलिए, सबसे पहले दीवार की बारीकी से जांच करें। जहां से पेंट या पुट्टी उखड़ रही है, उसे खुरचकर हटा दें और उस जगह को समतल बनाएं। साफ और चिकनी सतह पर ही नया रंग सही तरीके से पकड़ बनाता है और उसकी फिनिशिंग निखरकर आती है।

पुराने पेंट के ऊपर घिसाई की अहमियत

अगर आप पुरानी दीवारों पर दोबारा पेंट करवा रहे हैं, तो पुरानी सतह का आकलन करना अनिवार्य है। यह देखना जरूरी है कि पुराना पेंट अभी भी मजबूत है या वह जगह-जगह से निकल रहा है। पुरानी सतह को समतल करने के लिए सैंडिंग यानी घिसाई करना बहुत आवश्यक है। सैंडिंग से दीवार का खुरदरापन खत्म होता है और नया प्राइमर व पेंट उस पर आसानी से बैठता है। बिना घिसाई के नया पेंट लगाने से फिनिशिंग में वह चमक नहीं आ पाती जो होनी चाहिए। एक बार सतह सही तरीके से तैयार हो जाए, तो उसके बाद दीवार की जरूरत के हिसाब से प्राइमर का चुनाव करना चाहिए। प्राइमर का चुनाव पेंट और दीवार की स्थिति के अनुरूप ही होना चाहिए, ताकि वह बेस के रूप में बेहतर मजबूती दे सके।

दरारों को अनदेखा करना पड़ सकता है भारी

अक्सर घरों की दीवारों पर बारीक दरारें देखने को मिलती हैं। कई बार लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं या फिर इन पर सीधे पेंट करवा लेते हैं। लेकिन ये दरारें पेंट के सूखने के बाद दोबारा उभर आती हैं और दीवार का पूरा लुक खराब कर देती हैं। पीताम्बर रजक के अनुसार, पुताई से पहले सभी दरारों की पहचान करना और उनकी उचित मरम्मत करना बहुत जरूरी है। इन छोटी और सतही दरारों को भरने के लिए बाजार में उपलब्ध अच्छे क्रैक फिलर या क्रैक सील उत्पादों का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे सतह एक समान हो जाती है और पेंट के बाद दरारें दिखाई नहीं देतीं। हालांकि, अगर दरारें गहरी हैं या वे लगातार बढ़ रही हैं, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें, क्योंकि यह दीवार की मजबूती का भी सवाल हो सकता है।

सीलन की समस्या का पक्का समाधान

दीवारों पर सीलन का होना पेंट खराब होने का सबसे बड़ा कारण है। नमी वाली दीवारों पर सीधे पुट्टी या पेंट लगाने से कुछ ही समय में रंग फूलने लगता है, पपड़ी बन जाती है या रंग पर अजीब से दाग पड़ जाते हैं। यदि आपकी दीवार में सीलन है, तो पुताई से पहले उसकी जड़ को खत्म करना जरूरी है। केवल नमी रोधक या डैंप प्रूफ उत्पादों का इस्तेमाल कर लेना ही पर्याप्त नहीं होता। पहले पानी के रिसाव के कारण को ढूंढें और उसे ठीक करें। एक बार रिसाव रुक जाए, उसके बाद नमी से बचाव करने वाले उत्पादों का प्रयोग करें। बिना नमी की समस्या हल किए पेंटिंग कराना समय और पैसे की बर्बादी है।

प्राइमर और पुट्टी का सही तालमेल

सफाई, घिसाई और मरम्मत के बाद बारी आती है पुट्टी और प्राइमर की। पुट्टी दीवारों के छेद और गड्ढों को भरकर सतह को समतल बनाती है, जबकि प्राइमर दीवार और अंतिम पेंट के बीच एक मजबूत आधार का काम करता है। पीताम्बर रजक का मानना है कि प्राइमर का सही उपयोग ही रंग की उम्र तय करता है। यह दीवार की सतह को पेंट सोखने से रोकता है, जिससे रंग की चमक बरकरार रहती है और उसकी फिनिशिंग में निखार आता है। महंगे पेंट का इस्तेमाल करने का असली फायदा तभी मिलता है जब आपने उसे लगाने से पहले प्राइमर और पुट्टी की प्रक्रिया सही तरीके से की हो। प्रत्येक चरण के बाद सतह को पूरी तरह सूखने का समय देना न भूलें।

दीवाली के लिए खास टिप्स

अंत में, पीताम्बर रजक की सलाह है कि इस दिवाली पर घर को सजाते समय सिर्फ पेंट की कीमत पर ध्यान न दें। पुताई की पूरी प्रक्रिया एक वैज्ञानिक तरीके से होनी चाहिए:

  • दीवारों की अच्छी तरह सफाई करें और धूल-मिट्टी हटाएं।
  • उखड़े हुए पेंट और पुट्टी को खुरचकर निकाल दें।
  • सैंडिंग के जरिए दीवार को पूरी तरह समतल बनाएं।
  • दरारों को क्रैक फिलर से भरें ताकि वे दोबारा न दिखें।
  • सीलन के कारणों को ढूंढकर उन्हें पूरी तरह खत्म करें।
  • अच्छी गुणवत्ता वाले प्राइमर का उपयोग करें ताकि पेंट लंबे समय तक चले।
  • उपयोग किए जा रहे सभी उत्पादों पर लिखे निर्माता के निर्देशों का पालन करें।

यदि इन छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखा जाए, तो आपके घर की चमक न केवल इस दिवाली पर बनी रहेगी, बल्कि लंबे समय तक बरकरार रहेगी। सही तैयारी ही अच्छी पेंटिंग की नींव है, इसलिए जल्दबाजी न करें और पूरी सावधानी के साथ अपने घर को एक नया और आकर्षक लुक दें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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