हरियाणा
एक दिन पहले
5
विचारों
क्या है पूरा मामला
हरियाणा के पानीपत में मेडिकल लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जीटी रोड पर स्थित पार्क अस्पताल में एक महिला को सड़क दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि महिला के पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके उपचार के लिए उसे अस्पताल लाया गया था। लेकिन, डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को दरकिनार करते हुए उसके साथ कुछ ऐसा किया जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिजनों के गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने पैर की चोट का इलाज करने के स्थान पर बिना उनकी जानकारी और सहमति के महिला के दिल का ऑपरेशन कर दिया। आरोप है कि डॉक्टरों ने इस प्रक्रिया के लिए फर्जी हस्ताक्षर का सहारा लिया और महिला के दिल में स्टेंट डाल दिया। परिवार का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि महिला का इलाज गलत दिशा में किया गया था, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
इस पूरी घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। परिवार का यह भी कहना है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें धमकाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद परिजनों ने थाना सेक्टर-29 में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े करता है। जिस तरह से एक साधारण अस्थि रोग (फ्रैक्चर) के केस को दिल की सर्जरी में तब्दील कर दिया गया, वह मेडिकल एथिक्स और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा करता है। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किस आधार पर डॉक्टरों ने इतना बड़ा कदम उठाया।
Comments
0 comment