पाली: करोड़ों के आशियाने में रहने को मजबूर हैं लोग, एक महीने से पानी की हर बूंद के लिए संघर्ष राजस्थान 2 महीने पहले 76
राजस्थान के पाली में स्थित एक पॉश टाउनशिप में रहने वाले 200 परिवारों के लिए पिछले एक महीने से बुनियादी सुविधा पानी का संकट खड़ा हो गया है, जिससे लोग निजी टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।

पॉश कॉलोनी में बूंद-बूंद को तरसते लोग

जब भी कोई आम इंसान अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च करके किसी पॉश इलाके या शानदार टाउनशिप में घर खरीदता है, तो उसका सपना सिर्फ एक छत पाना नहीं बल्कि वहां मौजूद बेहतर जीवनशैली और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना होता है। लेकिन पाली शहर के जोधपुर रोड पर स्थित एक टाउनशिप में रहने वाले करीब 200 परिवारों का अनुभव इससे बिल्कुल उलट साबित हो रहा है। इन परिवारों ने अपने सपनों का आशियाना तो बसा लिया, लेकिन अब वे पीने के पानी की एक एक बूंद के लिए मोहताज हो गए हैं। पिछले एक महीने से ये लोग जिस तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं, उसने प्रशासन और व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टैंकर माफिया की चांदी और लोगों की परेशानी

इस संकट का सबसे बुरा असर कॉलोनी वासियों की जेब पर पड़ रहा है। घर के नलों में पानी नहीं आने के कारण, अब ये लोग पूरी तरह से निजी पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय लोगों का दर्द है कि हालात का फायदा उठाकर टैंकर संचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। जो पानी का टैंकर पहले 300 रुपये में मिल जाता था, अब उसकी कीमत बढ़ाकर 500 रुपये तक कर दी गई है। टैंकरों की बढ़ती मांग और बढ़ती कीमतों ने कॉलोनी में रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव बना दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी है, यहां तक कि संपर्क पोर्टल और जिला कलेक्टर के पास भी गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्थायी समाधान नहीं मिल सका है।

जलदाय विभाग का क्या है तर्क

इस गंभीर मामले पर जलदाय विभाग के अधिकारी भी अपनी सफाई पेश कर रहे हैं। विभाग के एक्सईएन कान सिंह राणावत ने जानकारी दी है कि इस समस्या के पीछे मुख्य कारण टाउनशिप की बढ़ती आबादी और पुरानी पाइपलाइन की सीमित क्षमता है। राणावत के अनुसार, उस क्षेत्र में पूर्व में 110 एमएम की पाइपलाइन डाली गई थी, जो अब इलाके की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम साबित हो रही है। जैसे-जैसे वहां घरों की संख्या और लोगों का आना-जाना बढ़ा है, पानी का दबाव अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

नई पाइपलाइन से कब मिलेगी राहत

विभाग ने अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए काम शुरू करने का दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में अब 160 एमएम की नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जलदाय विभाग को उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिन के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। विभाग का मानना है कि नई पाइपलाइन बिछ जाने के बाद पूरे टाउनशिप क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति बहाल हो जाएगी और निवासियों को इस भारी परेशानी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। हालांकि, अभी भी लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए विभाग के वादों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, वहां के निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि काम जल्द पूरा हो ताकि उन्हें रोजाना पानी की किल्लत और आर्थिक शोषण से मुक्ति मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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