झारखंड
2 घंटे पहले
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राष्ट्रीय मंच पर Palamu Tiger Reserve का सम्मान
झारखंड का इकलौता Palamu Tiger Reserve अपनी अनूठी पहल के चलते अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। वाइल्ड लाइफ और स्थानीय समुदायों के बीच तालमेल बैठाने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'हुनर से रोजगार' परियोजना को नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में SKOCH Final Award से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि सामुदायिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए गए बेहतरीन कार्यों को दर्शाती है, जिससे पूरे झारखंड का मान बढ़ा है।
'हुनर से रोजगार' पहल की विशेषता
Palamu Tiger Reserve की ओर से संचालित इस जन भागीदारी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी, वनाश्रित और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। नई दिल्ली स्थित PHD Chamber of Commerce and Industry में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर की कई अन्य परियोजनाओं के बीच इस पहल को निर्णायकों की विशेष सराहना मिली। इस योजना की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:
- स्थानीय समुदायों और युवाओं को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
- प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- आर्थिक आत्मनिर्भरता के जरिए सामाजिक आत्मविश्वास को मजबूती प्रदान करना।
- बाहरी राज्यों में होने वाले मजदूरी पलायन में कमी लाना।
सामुदायिक प्रयासों का मिला फल
पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान Palamu Tiger Reserve के उप निदेशक (उत्तर) Prajesha Kanta Jena और विभाग के अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे। Prajesha Kanta Jena ने स्पष्ट किया कि यह सम्मान केवल वन विभाग का नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों और प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इस मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि वन संरक्षण और स्थानीय विकास को एक साथ जोड़कर कैसे सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इस पहल से न केवल परिवारों की आय में इजाफा हुआ है, बल्कि स्थानीय स्तर पर सम्मानजनक आजीविका के साधन भी विकसित हुए हैं।
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