पाकिस्तान का स्वात दहल उठा, शांति मार्च पर हुए आत्मघाती हमले में 19 लोगों की मौत विश्व 2 घंटे पहले 3
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में एक शांति रैली के दौरान हुए भीषण धमाके में 19 लोगों की जान चली गई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

शांति रैली में हुआ खूनी खेल

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का स्वात जिला एक बार फिर दहशत से कांप उठा है। रविवार को जब स्वात के कबाल कस्बे में स्थानीय लोग और कबायली बुजुर्ग शांति और अमन का संदेश देने के लिए सड़कों पर उतरे थे, तभी एक जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में कम से कम 19 लोगों के मारे जाने की दुखद खबर सामने आई है। विस्फोट इतना भीषण था कि देखते ही देखते सड़क पर लाशें बिछ गईं और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।

आत्मघाती हमले की आशंका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हमले में करीब 40 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया है। मरने वालों में 5 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। धमाका उस वक्त हुआ जब इलाके में अमन जिरगा के तत्वावधान में शांति मार्च निकाला जा रहा था। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह एक आत्मघाती हमला था, हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने अभी तक किसी आधिकारिक पुष्टि की घोषणा नहीं की है। धमाके के बाद कब्बल चौक के आसपास के इलाके को पुलिस और सेना ने पूरी तरह से घेर लिया है और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

आतंकियों का खौफनाक मकसद

जिस शांति रैली को निशाना बनाया गया, उसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करना था। स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों ने शांति का संदेश देने का प्रयास किया था, जिसे आतंकियों ने बर्बरता के साथ कुचलने की कोशिश की। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि आतंकी संगठन ऐसी सभाओं को जानबूझकर अपना लक्ष्य बना रहे हैं ताकि आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा किया जा सके और लोग उनके खिलाफ अपनी आवाज उठाने से डरें।

क्षेत्र में बढ़ रही है दहशत

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा में बीते कुछ महीनों के दौरान आतंकी गतिविधियों में अचानक तेजी देखी गई है। इसमें खास तौर पर TTP यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और ISKP जैसे संगठनों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। इन आतंकी समूहों का स्पष्ट एजेंडा पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाना और स्वात जैसे संवेदनशील इलाकों में अपना प्रभुत्व फिर से स्थापित करना है।

सुरक्षा व्यवस्था और जांच

धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का आलम रहा। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और विस्फोटक तो नहीं छिपाए गए हैं। सैन्य और पुलिस टुकड़ियों ने पूरे कबाल क्षेत्र को सील कर दिया है। घायलों में कई लोगों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की गंभीर आशंका बनी हुई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही हैं ताकि दोषियों को चिन्हित किया जा सके।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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