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एक दिन पहले
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स्वागत के नाम पर बड़ी कूटनीतिक चूक
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में पाकिस्तान के दौरे पर पहुंचे। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान स्वागत समारोह में एक ऐसी स्थिति पैदा हुई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पाकिस्तान ने अपने मेहमानों को सम्मान देने के लिए आसमान में F-16 फाइटर जेट्स का फ्लाइंग सैल्यूट दिया, लेकिन यही कदम कूटनीतिक स्तर पर मजाक का विषय बन गया।
ईरान की दुश्मनी और पाकिस्तान का दिखावा
यह वही अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 है, जिसे ईरान ने बीते 2 अप्रैल को कशेम द्वीप के पास मार गिराया था। ईरान के रक्षा तंत्र ने जिस विमान को कबाड़ में बदल दिया था, उसी विमान को आसमान में देखकर ईरानी नेताओं की प्रतिक्रिया काफी दिलचस्प रही। वीडियो फुटेज में ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री अपनी हंसी को रोकने की कोशिश करते हुए नजर आए। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के स्वागत में मेजबान देश अपने बेहतरीन विमानों का फ्लाईपास्ट करवाता है, लेकिन इस बार पाकिस्तान की यह तैयारी ईरान के लिए अपमानजनक और अजीब साबित हुई।
क्या थी 2 अप्रैल की घटना
सैन्य सूत्रों और उपलब्ध फुटेज के अनुसार, 2 अप्रैल को ईरान ने अपने उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग करके एक घुसपैठिए F-16 को मार गिराया था। ईरान ने इस ऑपरेशन में अपनी शॉर्ट और मीडियम रेंज की इन्फ्रारेड गाइडेड सरफेस-टू-एयर मिसाइलों का उपयोग किया था। अमेरिका और इजरायल दोनों ही इन विमानों का उपयोग करते हैं, जिसके चलते यह विमान किसका था, यह आज भी एक सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, ईरान के लिए इस विमान को मार गिराना अपनी सैन्य क्षमता साबित करने वाला एक बड़ा कदम था।
अमेरिकी निर्भरता और पाकिस्तान की मजबूरी
पाकिस्तान के बेड़े में चीन से लिए गए JF-17 और J-10CE जैसे विमान भी शामिल हैं, लेकिन स्वागत में F-16 को आगे रखना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान अभी भी अमेरिकी तकनीक पर कितना निर्भर है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की आर्थिक और सामरिक लाचारी के रूप में देख रहे हैं। पाकिस्तान एक तरफ ईरान के साथ मधुर संबंध बनाने का प्रयास कर रहा है, तो दूसरी तरफ उसे IMF और सैन्य जरूरतों के लिए अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है। यही कारण है कि ईरानी नेताओं ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कोई कड़ा रुख नहीं अपनाया और चुपचाप इस असहज स्वागत को स्वीकार कर लिया।
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