बलूचिस्तान में खूनी खेल, अपनी ही जनता पर पाकिस्तानी सेना का ड्रोन हमला विश्व एक घंटा पहले 2
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर के आदेश पर बलूचिस्तान में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, जहां हाल ही में एक रिहाइशी घर पर हुए ड्रोन हमले में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।

बलूचिस्तान में ड्रोन से कहर

पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर के नेतृत्व में वहां की सेना ने अब अपने ही देश की जनता के खिलाफ बर्बरता की सभी हदें पार कर दी हैं। बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, जहां सेना ने पहले इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान रोका और अब सीधे आम नागरिकों पर ड्रोन हमले करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को बलूचिस्तान के खुजदार जिले में एक आवासीय घर पर ड्रोन के जरिए मिसाइल दागी गई, जिसने वहां की भयावह स्थिति को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है।

खुजदार में हुआ भीषण नरसंहार

पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख पर अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जनता का दमन करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। खुजदार जिले के मूला मंजालो इलाके में शुक्रवार को हुए इस ड्रोन हमले ने इलाके में दहशत फैला दी है। मानवाधिकार संगठनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हमले में चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया। मृतकों में से तीन की पहचान इरफान, मीर गुल और अली गुल के रूप में की गई है, जबकि चौथे मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) के अनुसार, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए मुनीर नाम के एक व्यक्ति को इलाज के लिए कराची भेजा गया है, जहाँ उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

हिंसा का भयावह पैटर्न

बलूच वॉयस फॉर जस्टिस ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य द्वारा प्रायोजित क्रूर हिंसा करार दिया है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि नागरिकों के घरों को ड्रोन हमले का निशाना बनाना किसी बड़ी साजिश और हिंसा के सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा है। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी बलूचिस्तान के जहरी और मूला जैसे क्षेत्रों में इसी तरह के संदिग्ध ड्रोन हमलों में निर्दोष नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों से तत्काल हस्तक्षेप करने, इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की पुरजोर अपील की है।

सैन्य अभियान और बलूचिस्तान का संघर्ष

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब बलूचिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अपने जमीनी और हवाई अभियानों को बेहद तेज कर दिया है। इन सैन्य अभियानों की जद में बस्तियां और नागरिक इलाके भी आ रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस सप्ताह की शुरुआत में खुजदार के वाध इलाके में हुई भारी गोलाबारी में भी एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके अलावा, सैन्य हेलीकॉप्टरों की मदद से खुजदार के ओरनाच स्थित सुरगढ़ क्षेत्र में कई बार हमले किए गए हैं। इन इलाकों में लगातार सैन्य निगरानी और हेलीकॉप्टरों की उड़ानें जारी हैं, जिससे आम जनता में डर का माहौल व्याप्त है। ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के अनुसार, हाल के कुछ दिनों में जहरी, ओरनाच और वाध जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीनी और हवाई हमले किए गए हैं, जो बलूचिस्तान की आजादी की मांग को दबाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।

निष्कर्ष

पाकिस्तानी हुकूमत अपनी नाकामी को छिपाने के लिए जिस तरह से अपनी ही जनता के खिलाफ युद्ध जैसी रणनीति अपना रही है, उसने वैश्विक स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बलूचिस्तान में जारी यह खूनी संघर्ष और सेना का दमनकारी रुख क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता पैदा कर रहा है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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