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एक घंटा पहले
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पाकिस्तान में महंगाई के खिलाफ आक्रोश
पाकिस्तान में बिजली, गैस और पेट्रोल जैसी जरूरी सेवाओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। लाहौर में विभिन्न मजदूर संगठनों, ऑटोरिक्शा चालकों और रेलवे कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि सरकारी नीतियों की वजह से आम आदमी आर्थिक बदहाली की मार झेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह प्रदर्शन पूरे देश में फैल सकता है।
बिगड़ता आम परिवारों का बजट
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि महंगाई ने मध्यम और गरीब वर्ग के घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। National Rickshaw Union के अध्यक्ष Rana Shamzad ने पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को सिरे से खारिज किया। उनकी मांग है कि ईंधन की कीमतें युद्ध से पहले वाले स्तर पर वापस लाई जानी चाहिए क्योंकि इसके कारण रिक्शा चालकों की कमाई पर सीधा असर पड़ा है।
भूखे घर लौटने को मजबूर
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी बदहाली की दास्तां बयां की। रिक्शा चालक Mohammad Jameel के मुताबिक, दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें कई बार खाली हाथ और भूखे घर लौटना पड़ता है। बढ़ती कीमतों के बीच बचत करना तो दूर, बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी अब एक चुनौती बन गया है। लोगों का कहना है कि उनकी सीमित आय का बड़ा हिस्सा पेट्रोल और भोजन जैसी बुनियादी चीजों में ही खर्च हो जाता है।
वेतन और पेंशन बढ़ाने की मांग
Railway कर्मचारी Inayat Ali Gujjar ने कहा कि सिर्फ परिवहन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश के लगभग हर विभाग के कर्मचारी भारी आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- बिजली, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तत्काल कटौती की जाए।
- कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए।
- बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के अन्य शहरों में भी देखने को मिलेगा।
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