विश्व
एक घंटा पहले
2
विचारों
पाकिस्तान में कॉकरोच का खौफ
भारत में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान चर्चित हुए 'कॉकरोच' शब्द का असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान तक पहुंच गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अपने देश के युवाओं में पनपते गुस्से को देखते हुए एक अजीबोगरीब और चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने युवाओं को 'कॉकरोच' की संज्ञा देते हुए कहा कि यदि ये युवा एक साथ आ गए, तो देश की व्यवस्था पूरी तरह पलट सकती है। नकवी के अनुसार, सरकार युवाओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है और यही असंतोष किसी बड़े विद्रोह को जन्म दे सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आप इन्हें युवा कहें या कॉकरोच, लेकिन उनकी एकजुटता सत्ता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
ध्वस्त होती व्यवस्था और कर्ज का दलदल
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट और भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने खुद स्वीकार किया कि देश का पूरा सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 70 सालों से हम किसी तरह इस व्यवस्था को घसीट रहे हैं, लेकिन अब इसे और आगे नहीं ले जाया जा सकता। नकवी ने सरकारी कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि संघीय बजट की स्थिति इतनी दयनीय है कि हर चर्चा केवल नए कर्ज लेने पर सिमट कर रह जाती है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि व्यवस्था को सुधारना सरकार का कर्तव्य है, लेकिन इसके बजाय देश हर साल और अधिक कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है।
भारत के विरोध-प्रदर्शनों की गूंज
पाकिस्तान में 'कॉकरोच' शब्द का यह संदर्भ भारत में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों से आया है। भारत में परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं के विरोध में छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व मुख्य रूप से 'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसे समूहों ने किया था। इस व्यापक विरोध के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से हटना पड़ा था। इसके अलावा, भारत सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 भी संसद में पारित किया।
सोशल मीडिया पर समर्थन और भारत की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया के दौर में भारत के 'जेन ज़ी' (Gen Z) छात्रों का विरोध प्रदर्शन सीमा पार भी चर्चा का विषय बन गया। ऐसी खबरें सामने आई थीं कि पाकिस्तान में भी कुछ युवा समूहों ने दिल्ली के छात्रों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है। हालांकि, भारत ने इन दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि इस तरह के मामलों पर ध्यान देने के बजाय पाकिस्तान को अपनी ऊर्जा सीमा-पार आतंकवाद को खत्म करने और अपनी आंतरिक विफलताओं को सुधारने पर केंद्रित करनी चाहिए। पाकिस्तान में फैली यह घबराहट वहां के युवाओं में बढ़ती हताशा और सरकार की गिरती साख को दर्शाती है।
Comments
0 comment