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5 घंटे पहले
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लाहौर में लश्कर आतंकी का अंत
पाकिस्तान के लाहौर से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से गहरे जुड़े हुए चौधरी मुहम्मद सरवर की मृत्यु हो गई है। सरवर सेंट्रल मुस्लिम लीग के पंजाब प्रांत का अध्यक्ष था। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वह घर से बाहर निकलकर अस्र की नमाज अदा करने के लिए पास ही स्थित मस्जिद की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में चलते-चलते वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शुरुआती संकेतों के आधार पर यह माना जा रहा है कि मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना था।
अमेरिकी प्रतिबंधों की जद में था सरवर
चौधरी मुहम्मद सरवर केवल एक स्थानीय नेता नहीं था, बल्कि वैश्विक मंच पर उसे एक खतरनाक आतंकी के रूप में चिन्हित किया गया था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साल 2016 में उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। उस पर आरोप था कि वह आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और उस अवैध राशि को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। वह लश्कर-ए-तैयबा के लाहौर स्थित नेटवर्क का प्रमुख भी रह चुका था। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के तहत उसकी उन सभी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया था, जो अमेरिकी क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आती थीं।
आतंकी नेटवर्क पर लगातार प्रहार
यह घटना पाकिस्तान में आतंकी आकाओं की लगातार होती मौतों के सिलसिले का हिस्सा मानी जा रही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले लाहौर में जैश-ए-मोहम्मद के एक कथित कमांडर मुहम्मद आसिम की भी एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अगर बात करें चौधरी मुहम्मद सरवर के साथ प्रतिबंधित किए गए अन्य लोगों की, तो अमेरिका ने वर्ष 2016 में ही शाहिद महमूद के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, महमूद कराची में लश्कर से जुड़ा था और वह कथित तौर पर फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के माध्यम से आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन के आदान-प्रदान में लिप्त था। अब सरवर की मौत के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
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