तूफान के बाद टूटे बिजली के तार से लगा करंट, महिला और उसे बचाने पहुंची देवरानी की मौत भारत 3 महीने पहले 112
ओडिशा के ढेंकानाल जिले के हिंदोल इलाके में तूफान के बाद टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक महिला और उसे बचाने गई उसकी देवरानी की जान चली गई।

ओडिशा के ढेंकानाल जिले के हिंदोल क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार रात आए तूफान के बाद टूटकर नीचे गिरे बिजली के तार की चपेट में आकर दो महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, मगर किसी की जान नहीं बचाई जा सकी। एक महिला और उसकी देवरानी की इस तरह हुई मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। मृतकों की पहचान रंजु देहुरी और मनीषा देहुरी के रूप में की गई है।

हादसा कैसे हुआ

यह हृदयविदारक घटना हिंदोल के रंजगोला गांव में बुधवार सुबह घटी। मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात आए तेज तूफान के दौरान बिजली का एक तार टूटकर घर के पिछले हिस्से में आ गिरा था। परिवार के किसी सदस्य को न तो इस बात की भनक थी और न ही यह पता था कि गिरा हुआ तार बिजली से चालू है। बुधवार सुबह रंजु देहुरी किसी काम के सिलसिले में घर के पिछवाड़े गई थीं, तभी उनका पैर गलती से टूटे हुए तार पर पड़ गया। करंट लगते ही वह तार में उलझ गईं और जोर-जोर से मदद के लिए चीखने लगीं। उनकी आवाज सुनकर देवरानी मनीषा देहुरी दौड़कर वहां पहुंचीं और रंजु को बचाने की कोशिश करने लगीं, लेकिन इसी दौरान वह खुद भी तार की चपेट में आ गईं। तेज करंट के झटके से दोनों बुरी तरह झुलस गईं और जमीन पर गिर पड़ीं।

अस्पताल में मृत घोषित

दोनों महिलाओं की आवाज सुनकर परिजन फौरन मौके पर पहुंचे, जहां दोनों बेहोशी की हालत में मिलीं। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए हिंदोल के सरकारी अस्पताल भेजा गया। हालांकि वहां जांच के बाद चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

लापरवाही पर खड़े हुए सवाल

सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। इस घटना ने बिजली विभाग की सतर्कता और तूफान के बाद टूटे तारों की समय रहते जांच पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि टूटे हुए तार की जानकारी वक्त रहते मिल गई होती तो शायद दो जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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