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एक घंटा पहले
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परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद बड़ा फैसला
लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में नर्सिंग और हॉस्पिटल अटेंडेंट पदों के लिए आयोजित की गई भर्ती परीक्षा को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद संस्थान ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी जिम्मेदारी एसटीएफ (STF) को सौंप दी है।
भर्ती प्रक्रिया के दूसरे चरण के तहत यह परीक्षा कुल सात अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई थी। परीक्षा को दो पालियों में विभाजित किया गया था, जिसमें लगभग 8,500 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे थे। परीक्षा के बाद से ही धांधली की शिकायतों ने जोर पकड़ लिया था, जिसके चलते प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
प्रशासन का पक्ष और आगे की योजना
एसजीपीजीआई प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि पहली पाली के दौरान कई केंद्रों पर गंभीर तकनीकी खराबी देखी गई। इसी तकनीकी असफलता के कारण प्रबंधन को यह मजबूरन फैसला लेना पड़ा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर आयोजित दोनों पालियों की परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए।
संस्थान के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही नई परीक्षा की तारीखों का ऐलान करेंगे। उम्मीदवारों को सूचित किया गया है कि उन्हें नए कार्यक्रम की जानकारी समय रहते प्रदान कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही ताजा अपडेट प्राप्त करें।
कानपुर में भी तकनीकी खामियों का साया
भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व कानपुर के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक सेंटर पर आयोजित बीएसएफ (BSF) एचसीएम समेत कई पदों की ऑनलाइन परीक्षा को भी तकनीकी खामियों के चलते रद्द करना पड़ा था। बुधवार के दिन परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर में सेंटर पर मौजूद कंप्यूटर सिस्टम अचानक बंद होने लगे थे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित हुई।
हालात इतने बिगड़ गए थे कि नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र के बाहर जमकर बवाल काटा था। उस दिन पहली, दूसरी और तीसरी तीनों पालियों में परीक्षा होनी थी, लेकिन पहली पाली में ही तकनीकी दिक्कत आने के बाद पूरी परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।
यूजीसी नेट परीक्षा के रद्द होने से मचा था बवाल
हाल ही में यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा के निरस्त होने के बाद पूरे देश में आक्रोश देखा गया था। इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाई थी। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा शासन में पेपर माफिया हर परीक्षा को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे देश के भविष्य के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया था। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा था कि यदि पुलिस भर्ती, नीट और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं में धांधली होती रही, तो न केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी, बल्कि भविष्य में योग्य डॉक्टरों और शिक्षकों की भारी कमी का सामना देश को करना पड़ेगा।
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