नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स का लाइव कारोबार शुरू, पहले ही दिन 23.34 करोड़ रुपये की ट्रेडिंग व्यापार 48 मिनट पहले 5
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) का व्यापार शुरू हो चुका है, जहां पहले ही दिन 1.60 लाख से ज्यादा यूनिट्स का लेन-देन देखने को मिला। निवेशक अब अपने डीमैट खाते के जरिए भौतिक सोने से समर्थित इन सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग कर सकते हैं।

पहले दिन रहा मजबूत कारोबार, 6 किलो सोने के बराबर हुआ लेन-देन

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) सेगमेंट में लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई। कारोबार के पहले ही दिन निवेशकों ने इसमें खासी रुचि दिखाई, जिसके चलते कुल 23.34 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया गया। एनएसई और ऑगमोंट एंटरप्राइजेज द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के मुताबिक, ट्रेडिंग वाले दिन शाम 04:25 बजे तक कुल 1,60,357 ईजीआर यूनिट्स की खरीद-बिक्री हुई। यह मात्रा लगभग 6 किलोग्राम भौतिक सोने के मूल्य के बराबर बैठती है।

कीमतों का दायरा और ट्रेडिंग के अहम पहलू

ईजीआर के इस नए प्लेटफॉर्म पर कीमतों का निर्धारण बेहद व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से देखने को मिला। पूरे कारोबारी सत्र में इसकी दरें 1450.50 रुपये से 1460 रुपये के सीमित दायरे के भीतर बनी रहीं। इसके अलावा, खरीदार और विक्रेता के बीच का मूल्य अंतर यानी बिड-आस्क स्प्रेड 50 पैसे से 1 रुपये तक दर्ज किया गया।

संरचना की बात करें तो 1 ईजीआर यूनिट सीधे तौर पर 100 मिलीग्राम (0.1 ग्राम) भौतिक सोने के मूल्य का प्रतिनिधित्व करती है। इस ट्रेडिंग के एवज में जो असली सोना होता है, उसे सेबी (SEBI) द्वारा विनियमित और सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है।

डीमैट खाते से आसानी से होगी खरीद और बिक्री

यह नई शुरुआत एनएसई और ऑगमोंट के बीच ईजीआर इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से की गई साझेदारी का परिणाम है। इस व्यवस्था के माध्यम से आम और संस्थागत निवेशक अपने डीमैट खाते के जरिए ही सोने का डिजिटल लेन-देन कर सकते हैं।

इस नए ट्रेडिंग सेगमेंट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम और विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • T+1 सेटलमेंट प्रणाली: ईजीआर का कारोबार T+1 सेटलमेंट साइकिल पर काम करता है। इसका मतलब है कि जिस दिन यूनिट्स की खरीद या बिक्री होगी, उसका अंतिम सेटलमेंट अगले कारोबारी दिन पूरा कर लिया जाएगा।
  • डिजिटल मालिकाना हक: डीमैट खाते में रखी गई ये रिसीट्स वास्तव में तिजोरी में सुरक्षित रखे असली सोने के मालिकाना हक को दर्शाती हैं।
  • सुरक्षित प्रक्रिया: निवेशकों को भौतिक रूप में सोना घर या लॉकर में रखने के जोखिम और झंझट से मुक्ति मिलती है।

इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) क्या हैं और कैसे काम करते हैं?

इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स असल में सेबी-अनुमोदित वॉल्ट में रखे गए फिजिकल गोल्ड पर आधारित एक 'एक्सचेंज-ट्रेडेड सिक्योरिटी' हैं। यह वित्तीय माध्यम निवेशकों को भौतिक सोना अपने पास रखे बिना स्टॉक मार्केट के माध्यम से सोने में व्यापार करने और लाभ कमाने का अवसर देता है। ठीक शेयरों की तरह ही इन्हें डिजिटल रूप में रखा जाता है और किसी भी पंजीकृत स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से खरीदा या बेचा जा सकता है।

अनुबंध के आकार और भौतिक सोने की डिलीवरी

एनएसई ने विभिन्न प्रकार के निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ईजीआर के लिए अलग-अलग आकार के कॉन्ट्रैक्ट पेश किए हैं:

  • 100 मिलीग्राम
  • 1 ग्राम
  • 10 ग्राम
  • 100 ग्राम
  • 1 किलोग्राम

जो निवेशक अपने डीमैट खाते में जमा ईजीआर के बदले असली सोना प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए भौतिक डिलीवरी की सुविधा भी रखी गई है। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके निवेशक अपने सोने की डिलीवरी ले सकते हैं। हालांकि, फिजिकल गोल्ड विड्रॉ करने की स्थिति में वॉल्ट से जुड़ा स्टोरेज शुल्क, शुद्धता की टेस्टिंग का खर्च और ट्रांसपोर्टेशन चार्जेस जैसे कुछ अतिरिक्त शुल्क लागू किए जा सकते हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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