उत्तर प्रदेश
12 घंटे पहले
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विचारों
नोएडा का विस्तार और नया प्रोजेक्ट
दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जिसके तहत 20,000 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में 'न्यू नोएडा' को विकसित किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर सरकार द्वारा लगभग 35,000 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि खर्च की जाएगी। यह कदम औद्योगिक मांग को पूरा करने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रोजगार के अवसर और विकास का लक्ष्य
नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने जानकारी दी है कि इस नए शहर के निर्माण का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूरा करना है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार सृजन है। प्राधिकरण का अनुमान है कि न्यू नोएडा के अस्तित्व में आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग पांच से छह लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बढ़ते औद्योगिक दबाव और वर्तमान नोएडा में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए यह नया शहर भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा।
निवेशकों के लिए बेहतर सुविधाएं
प्राधिकरण के अनुसार, न्यू नोएडा के विकास के लिए जल्द ही चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार वर्तमान नोएडा क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो यानी FAR की सुविधा प्रदान करने हेतु नई नीतियों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा
न्यू नोएडा के विकसित होने से निवेशकों को आधुनिक और विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और अन्य उभरते हुए व्यावसायिक क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं बढ़ेंगी। गौरतलब है कि वर्ष 1976 में स्थापित नोएडा आज उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों में से एक बन चुका है, और न्यू नोएडा का निर्माण इस विरासत को और आगे ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
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