नेपाल आपदा: त्रिशूली नदी में फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, चीन में ग्लेशियर पिघलने के बाद सरकार ने कहा- फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं विश्व 3 घंटे पहले 2
नेपाल में कुदरती आपदा के बाद त्रिशूली नदी में राहत और बचाव कार्य दोबारा तेज कर दिए गए हैं, वहीं चीन में ग्लेशियर फटने की घटना के बाद सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने चारों तरफ भारी तबाही मचाई है। इस भयानक त्रासदी में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस संकट के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर नेपाल सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सरकार ने जानकारी दी है कि त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन को एक बार फिर से पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन की टीमें और सेना के जवान प्रभावित लोगों की मदद करने में जुटे हुए हैं।

त्रिशूली नदी में बचाव कार्य तेज, सेना अलर्ट पर

नेपाल सेना के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, त्रिशूली नदी का जलस्तर अभी तक लगभग 2 फीट बढ़ चुका है। स्थिति को देखते हुए बचाव दल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और पल-पल की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। इस बीच, नुवाकोट जिले के तटीय क्षेत्रों में फिर से बाढ़ आने की आशंका काफी बढ़ गई है, जिसे देखते हुए स्थानीय लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। नेपाल सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने राहत और बचाव कार्य में जुटी सभी टीमों और आम लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है।

शवों की पहचान बनी चुनौती, कई भारतीय लापता

इस भीषण आपदा में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, अब तक कुल 489 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बरामद किए गए शवों में से 449 में से अब तक केवल 100 शवों की ही शिनाख्त की जा सकी है, जबकि 393 शवों की पहचान होना अभी भी बाकी है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक कुल 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन चिंता की बात यह है कि अभी भी 290 भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।

ग्लेशियर फटने से बढ़ी चिंता, सरकार ने दी राहत भरी खबर

इस संकट के बीच पड़ोसी देश चीन में ग्लेशियर फटने के कारण पानी का ओवरफ्लो होने की खबरें भी सामने आई हैं। इन खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए नेपाल सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि फिलहाल देश पर तत्काल रूप से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चीन के क्षेत्र में बहने वाली छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदी के संगम के पास बने एक बड़े तालाब के नजदीक ग्लेशियर टूटने की घटना हुई है। सस्मित पोखरेल ने बताया कि कई स्थानों पर सामान्य रूप से ग्लेशियर पिघलने के कारण पानी के साथ गाद और मिट्टी बहकर आ रही है, जिससे जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

प्राकृतिक बांध टूटने से दोबारा बाढ़ आने की आशंका

भले ही सरकार ने तात्कालिक राहत की बात कही हो, लेकिन पहाड़ों पर बन रही एक नई झील ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं। दरअसल, पहाड़ों से गिरे बड़े-बड़े पत्थरों, मलबे और बर्फ के टुकड़ों के कारण पानी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे एक प्राकृतिक बांध का निर्माण हो गया है। इस अस्थायी झील में भारी मात्रा में पानी जमा हो रहा है और इसके ओवरफ्लो होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि यदि मलबे से बना यह कमजोर प्राकृतिक बांध अचानक टूट जाता है, तो निचले इलाकों में एक बार फिर अचानक भीषण बाढ़ आ सकती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप