राष्ट्रीय राजनीति
12 घंटे पहले
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विचारों
कोच्चि में सीजेपी का जोरदार प्रदर्शन
केरल के कोच्चि शहर में 'जंतर-मंतर' विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। 7 नवंबर को हुए इस कार्यक्रम में अभिनेता प्रकाश राज की उपस्थिति ने भी सबका ध्यान आकर्षित किया। दिपके ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के खिलाफ उनकी यह लड़ाई भविष्य में और तेज होगी। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को रोकने के लिए सरकार जिस तरह की हथकंडे अपना रही है, वह उसकी कायरता को दर्शाता है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगाया। दिपके ने कहा कि जब तक देश में एक स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रणाली को फिर से बहाल नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन पूरे देश में जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में होने वाले चुनावों की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक विशिष्ट राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के लिए चुनाव प्रक्रियाओं में हेरफेर की जा रही है और पूरे देश में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
केरल की प्रशासनिक नियुक्तियों पर आपत्तियां
दिपके ने इस बात पर चिंता जताई कि केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया जाना चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि ऐसी नियुक्तियों से आम नागरिकों का लोकतंत्र से भरोसा उठ रहा है। इस विरोध सभा में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, नागरिक अधिकार समर्थक और आम लोग शामिल हुए।
2029 को लेकर बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दिपके ने भविष्यवाणी की कि 2029 में एनडीए सत्ता से पूरी तरह बाहर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से चुनावों के माध्यम से संभव होगा। जब उनसे सीजेपी के कार्यकर्ताओं को अराजकतावादी कहे जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। दिपके ने जोर देकर कहा कि सीजेपी के लोग असल में 'अंबेडकरवादी' हैं।
मीडिया और सरकार पर टिप्पणी
सरकार द्वारा सीजेपी पर विदेशी चंदा लेने के आरोपों का जवाब देते हुए दिपके ने कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज फहराने के जुर्म में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे जहां भी जाएंगे, तिरंगा हमेशा अपने साथ रखेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने पिछले तीन महीनों में 50 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं, जबकि देश के प्रधानमंत्री ने एक बार भी मीडिया के सामने आकर सवालों का सामना करने की जहमत नहीं उठाई है।
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