AIMIM नेता इम्तियाज जलील पर कानूनी शिकंजा, नाशिक धर्मांतरण मामले में पनाह देने का आरोप महाराष्ट्र एक घंटा पहले 7
महाराष्ट्र के नाशिक धर्मांतरण केस में एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उन पर मुख्य आरोपी निदा खान को छिपाने और उसे संरक्षण देने का गंभीर आरोप है।

नाशिक धर्मांतरण मामले में बढ़ीं मुश्किलें

महाराष्ट्र के नाशिक से सामने आए धर्मांतरण के एक चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील के खिलाफ आधिकारिक तौर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का आरोप है कि जलील ने इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को न केवल पनाह दी, बल्कि उसे छिपाने में भी मदद की। गौरतलब है कि निदा खान पर धर्मांतरण से जुड़ी गंभीर कानूनी धाराओं के तहत आरोप हैं। इम्तियाज जलील ने सार्वजनिक रूप से पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे हर मुश्किल परिस्थिति में निदा खान का समर्थन करेंगे और उनके साथ खड़े रहेंगे।

पूछताछ में खुला राज

पुलिस जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि इस मामले के एक अन्य गिरफ्तार आरोपी मतीन पटेल ने पूछताछ के दौरान इम्तियाज जलील का नाम लिया था। मतीन पटेल ने जांच अधिकारियों को बताया कि निदा खान का वर्तमान ठिकाना जलील को अच्छी तरह से पता है। स्वयं इम्तियाज जलील ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि उनकी मुंबई में निदा खान से मुलाकात हुई थी। अपनी बात पर कायम रहते हुए जलील ने कहा था कि वे निदा खान के साथ खड़े हैं, जिसके बाद पुलिस ने उन पर कानून का शिकंजा कस दिया है।

एससी-एसटी एक्ट का पुराना विवाद

यह पहला मौका नहीं है जब इम्तियाज जलील कानूनी पचड़ों में फंसे हैं। इससे पहले भी उन पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। पिछले साल, एक विवादास्पद घटना में उन पर कथित तौर पर हरिजन शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। यह मामला क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) का एक कार्यकर्ता था, जिसने जलील के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

क्या था विवाद का मुख्य कारण

इस पूरे मामले की जड़ 11 जून, 2025 को हुई एक घटना से जुड़ी है। इम्तियाज जलील ने सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट पर जमीन के लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने बार-बार 'हरिजन' शब्द का प्रयोग किया, जिसे अनुसूचित जाति समुदाय का अपमान माना गया। पुलिस के अनुसार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप में उनके खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3 (1) (आर) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त, इम्तियाज जलील अपने बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने एक बार सार्वजनिक मंच से चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर किसी ने मुस्लिम महिलाओं को गलत इरादे से छूने की हिम्मत की, तो वे उनके हाथ काट देंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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