उत्तराखंड
6 घंटे पहले
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पहाड़ों में बढ़ी ठंड, सज गए गर्म कपड़ों के बाजार
नैनीताल और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड की शुरुआत होते ही बाजारों में रौनक लौट आई है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए सैलानियों और स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीदारी तेज कर दी है। इस सीजन में बाजार में विशेष रूप से स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हाथ की बुनाई के उत्पाद लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पहाड़ी महिलाओं के हुनर को मिल रहा बढ़ावा
इस क्षेत्र की आत्मनिर्भर महिलाएं अपने घरेलू कामकाज को निपटाने के बाद खाली समय में बुनाई का काम करती हैं। वे बेहद खूबसूरती के साथ रंग-बिरंगे ऊन के धागों से टोपियां, मफलर और मोजे (सॉक्स) तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की मांग बाजारों में लगातार बढ़ती जा रही है।
- रंग-बिरंगे डिजाइन: पर्यटकों को अपनी ओर खींचने के लिए इन टोपियों और मफलरों को लाल, पीले, हरे और गुलाबी जैसे आकर्षक रंगों में बुना जा रहा है।
- रोजगार का साधन: घर पर की जाने वाली इस बुनाई से महिलाओं को आमदनी का एक बेहतरीन जरिया मिला है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
- किफायती विकल्प: बाजार में ये उत्पाद विभिन्न डिजाइनों और अलग-अलग कीमतों में उपलब्ध हैं, जिससे हर वर्ग का खरीदार अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकता है।
सैलानियों के बीच बनी पहली पसंद
नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए ये हाथ से बुने उत्पाद सिर्फ ठंड से बचने का साधन नहीं हैं, बल्कि वे इन्हें पहाड़ी संस्कृति और यादों के रूप में अपने साथ घर ले जा रहे हैं। महिलाओं की यह कड़ी मेहनत और उनका हुनर पर्यटकों को खासा प्रभावित कर रहा है और बाजार में इसकी बिक्री में भारी उछाल आया है।
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