नागौर में साहूकारों का खौफनाक 'गोल्ड ट्रैप': 16 लाख का कर्ज 60 लाख में बदला, पीड़ित ने उठाया आत्मघाती कदम क्राइम 3 घंटे पहले 3
नागौर में साहूकारों द्वारा कर्ज के नाम पर की जा रही प्रताड़ना का मामला सामने आया है, जहाँ 16 लाख रुपये के उधार को ब्याज के जाल में फँसाकर 60 लाख रुपये बना दिया गया और गहने भी हड़प लिए गए। तंग आकर पीड़ित ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद अब पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

कर्ज का दलदल और मानसिक प्रताड़ना

राजस्थान के नागौर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से साहूकारों की क्रूरता का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहाँ रहने वाले 54 वर्षीय प्रेमप्रकाश बिहानी, जो स्वर्गीय मांगीलाल के पुत्र हैं, साहूकारों द्वारा बिछाए गए 'गोल्ड ट्रैप' यानी सोने के जाल और अत्यधिक ब्याज के कुचक्र में फँस गए। साहूकारों की लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक शोषण से परेशान होकर उन्होंने 23 अगस्त को अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की थी। जोधपुर में लंबे इलाज के बाद, जब पीड़ित की स्थिति में कुछ सुधार हुआ, तो उन्होंने साहस जुटाकर कोतवाली पुलिस थाने में सात लोगों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, मुख्य रूप से धारा 318(4) और 316(2) के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

व्यापार में नुकसान और कर्ज की शुरुआत

पीड़ित प्रेमप्रकाश बिहानी के अनुसार, उनका पहले पान और मेथी का एक बड़ा कारोबार हुआ करता था। समय के साथ व्यापार में हुए भारी नुकसान के कारण उन्हें अपनी जमीनें, संपत्ति और अपना घर तक बेचना पड़ गया था। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने और परिवार का भरण-पोषण करने के उद्देश्य से उन्होंने फास्ट फूड की एक छोटी दुकान खोलने का निर्णय लिया। इस दुकान को शुरू करने के लिए उन्हें पूंजी की आवश्यकता थी, जिसके लिए उन्होंने स्थानीय साहूकारों से करीब 15 से 16 लाख रुपये उधार लिए। इन साहूकारों में लक्ष्मण गौड़ से 11 लाख, अर्जुन गौड़ से 8.50 लाख, आकाश तिवारी से 1.50 लाख, निखिल कच्छावा से 4 लाख और पवन सोनी से 9 लाख रुपये की राशि शामिल थी।

सोने के आभूषणों का अपहरण और ब्याज का खेल

पीड़ित ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर निखिल कच्छावा को खाली चेक दिए गए थे। वहीं, पवन सोनी के पास उनके परिवार के 6 तोला सोने के आभूषण गिरवी रखे गए थे, जिनमें नेकलेस, चेन, सात चूड़ियां, मंगलसूत्र, लॉकेट, झुमके और ब्रेसलेट शामिल थे। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने पवन सोनी को लिए गए 9 लाख रुपये में से 6 लाख रुपये चुका भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने उनके आभूषण वापस करने से साफ मना कर दिया। जैसे ही बाजार में सोने के भावों में तेजी आई, आरोपियों की नीयत खराब हो गई। उन्होंने मूल रकम पर 10 से 20 प्रतिशत तक का भारी-भरकम ब्याज लगाना शुरू कर दिया। इस प्रकार देखते ही देखते 16 लाख रुपये की मूल राशि को बढ़ाकर 50 से 60 लाख रुपये कर दिया गया और आरोपियों ने पीड़ित को 10 गुना वसूली की धमकी देनी शुरू कर दी।

सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर और धमकियों का सिलसिला

प्रेमप्रकाश का आरोप है कि आरोपी राजेश सांखला और लोकेश सांखला ने उन्हें धोखे से कचहरी बुलाया और वहां मौजूद सादे कागजातों पर उन्हें बिना कुछ पढ़ने दिए जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद से ही आरोपियों की ओर से फोन पर धमकियों का दौर शुरू हो गया। उन्हें लगातार डराया जा रहा था कि यदि उन्होंने पुलिस को इस मामले की जानकारी दी, तो न केवल उनकी जान ले ली जाएगी, बल्कि उनके मकान पर भी कब्जा कर लिया जाएगा। इन धमकियों के कारण पीड़ित इतना दबाव महसूस करने लगे कि उनका घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया था।

आत्महत्या का प्रयास और पुलिस की कार्रवाई

लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव के कारण 23 अगस्त को पीड़ित ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल, वे गहरे अवसाद से जूझ रहे हैं और लगातार दवाइयां ले रहे हैं। इलाज के दौरान व्यस्तता और नाजुक हालत के कारण पुलिस को समय पर रिपोर्ट नहीं दी जा सकी। अंततः, 25 सितंबर को स्थिति में थोड़ा सुधार होने पर स्वयं पीड़ित थाने पहुंचे और पूरी आपबीती पुलिस अधिकारियों को सुनाई।

कोतवाली थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित ने व्यावसायिक जरूरतों के लिए ली गई रकम का हिस्सा समय पर चुकाया था, फिर भी आरोपियों ने अत्यधिक ब्याज वसूलने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया। इस पूरे मामले की जांच एएसआई रामकैलाश को सौंप दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लक्ष्मण गौड़, अर्जुन गौड़, निखिल कच्छावा, पवन सोनी, राजेश सांखला, लोकेश सांखला और आकाश तिवारी के खिलाफ साक्ष्य जुटाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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