बिहार
एक घंटा पहले
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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से पुलिस महकमे की साख पर सवाल उठाने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां प्रेमी के हाथों छली गई एक पीड़िता को न्याय पाने के लिए थाने के दरोगा की अश्लीलता और मानसिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। मामला अहियापुर थाने से जुड़ा है, जहां पदस्थापित दरोगा ललन कुमार को एक युवती के साथ फोन पर आपत्तिजनक बातें करने और उसे परेशान करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
रंगदारी और फोटो वायरल करने की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहियापुर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने अपने प्रेमी नीरज नवाब पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप था कि उसके प्रेमी ने उसके साथ छल किया है और उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उससे 8 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है। इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा अहियापुर थाने में तैनात दरोगा ललन कुमार को सौंपा गया था।
मदद करने के बजाय आधी रात को कॉल कर परेशान करने लगा दरोगा
पीड़िता का आरोप है कि मामले में उचित जांच करने और न्याय दिलाने की जगह दरोगा ललन कुमार ने खुद ही उसे अपनी प्रताड़ना का शिकार बनाना शुरू कर दिया। दरोगा अक्सर देर रात युवती को फोन करता था और कॉल पर अनुचित, अमर्यादित व अश्लील बातें करके उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। दरोगा की इस हरकत से पीड़िता काफी सहमी हुई थी और मानसिक तनाव से गुजर रही थी।
एसएसपी के पास पहुंची पीड़िता, जांच में मिले पुख्ता साक्ष्य
दरोगा की लगातार बढ़ती हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने सीधे जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के पास पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने SDPO नगर-2 को इस प्रकरण की आंतरिक जांच का निर्देश दिया।
जांच के दौरान पीड़ित युवती ने SDPO के समक्ष दरोगा द्वारा किए गए कॉल्स की डिटेल और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग के पुख्ता सबूत पेश किए। इसके बाद आरोपी दरोगा से भी पूछताछ की गई, जिसमें वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पद का दुरुपयोग और घोर अनुशासनहीनता पर सख्त कदम
SDPO द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के सत्यापन के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि दरोगा ललन कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग किया और परिवादिनी के साथ अशोभनीय व्यवहार किया।
एसएसपी ने इस आचरण को खाकी की छवि धूमिल करने वाला, घोर अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता का प्रतीक करार दिया। कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दिया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान दरोगा को केवल जीवन यापन भत्ता ही देय होगा। पुलिस महकमे में हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद से हड़कंप मच गया है।
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