मध्य प्रदेश में आज शाम से बदलेगा मौसम, ग्वालियर से भोपाल तक बारिश के आसार, पढ़ें अपने जिले का हाल मध्य प्रदेश एक महीने पहले 35
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते कई जिलों में तेज बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने चार दिनों तक मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। मानसून आने में अभी 3 दिन बाकी हैं।

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की जा रही है। पूरे प्रदेश पर प्री-मानसून गतिविधियों का असर साफ दिख रहा है। बीते रविवार को भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन और खरगोन के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, जबकि आसपास के कई और जिलों में भी बौछारों ने राहत पहुंचाई। एक ओर जहां इस बारिश ने तपती गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर बिजली गुल होने की परेशानी ने लोगों को मुश्किल में डाला। मानसून के आने में अभी 3 दिन शेष हैं, लेकिन इससे पहले ही मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए तेज बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि आज यानी सोमवार शाम से मौसम बदलने के पूरे आसार बने हुए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के ऊपर सक्रिय वेदर ट्रफ के कारण आने वाले चार दिनों तक मौसम प्रभावित रहेगा। इस दौरान तेज बारिश और आंधी की आशंका जताई गई है, जिसके चलते विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उल्लेखनीय है कि बीते दिन कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे थे। हालांकि प्रदेश के कुछ क्षेत्र अब भी गर्मी की चपेट में बने रहेंगे, जिनमें इंदौर, उज्जैन और धार सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कुछ हिस्से शामिल हैं।

इन जिलों में बदलेगा मौसम

मौसम विभाग ने सोमवार को जानकारी दी कि जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में शाम ढलते-ढलते बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

कब पहुंचेगा मानसून

प्रदेश में मानसून की दस्तक में अभी 3 दिन बाकी हैं। हालांकि इससे पहले ही प्री-मानसून गतिविधियों के चलते कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आगामी दिनों में मौसम और सक्रिय रह सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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