दिल्ली में खौफनाक वारदात: पड़ोसियों को घर में कैद कर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की गला दबाकर हत्या, घर से गहने गायब क्राइम एक घंटा पहले 5
दिल्ली के पॉश इलाके जंगपुरा में एक बुजुर्ग महिला की उनके घर में लूटपाट के बाद निर्मम हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले पड़ोसियों के घरों को बाहर से लॉक किया और फिर बुजुर्ग के हाथ बांधकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

दिल्ली के पॉश इलाके में सनसनीखेज वारदात

राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका जंगपुरा इन दिनों एक बेहद खौफनाक अपराध के चलते चर्चा में है। यहाँ के पंतनगर इलाके में एक 70 साल की बुजुर्ग महिला की उनके ही घर में घुसकर हत्या कर दी गई। हत्या की इस घटना को लूटपाट के दौरान अंजाम दिया गया है। मृतका की पहचान प्रीति कुमार के तौर पर हुई है, जो अपने घर में अकेले रहती थीं। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए तमाम दावे किए जाते हैं, बावजूद इसके अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपराधियों के आसान शिकार बन रहे हैं।

बेटी पहुंची तो सामने आया खौफनाक मंजर

घटना का खुलासा तब हुआ जब प्रीति कुमार की बेटी विजेता अरोड़ा सुबह उनसे मिलने के लिए उनके घर पहुंचीं। घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। विजेता ने अपनी मां को बिस्तर पर मृत अवस्था में पाया। उनके हाथ पीछे से बंधे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान थे। घर का सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि हत्यारों ने घर में जमकर लूटपाट की है। कीमती आभूषण और अन्य सामान भी मौके से गायब पाए गए हैं।

बदमाशों ने सोची-समझी साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम

जांच के दौरान एक हैरान कर देने वाली बात सामने आई है। हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके के कई पड़ोसियों के घरों के गेट बाहर से बंद कर दिए थे, ताकि कोई भी शोर सुनकर बाहर न आ सके और न ही किसी को घटना की भनक लगे। इस सुनियोजित तरीके से की गई लूटपाट और हत्या से आसपास के लोग दहशत में हैं। विजेता अरोड़ा का मानना है कि उनकी मां ने खुद को बचाने का हर संभव प्रयास किया होगा, लेकिन हमलावरों ने उनके हाथ बांधकर गला घोंट दिया और फिर फरार हो गए।

1985 से इस घर में अकेले रह रही थीं प्रीति कुमार

मृतका की बेटी ने जानकारी दी कि उनकी मां 1985 से पंतनगर के इसी घर में अकेले रह रही थीं। पिता की मृत्यु के बाद प्रीति कुमार ने अकेले ही अपनी दोनों बेटियों का पालन-पोषण किया, उन्हें पढ़ाया-लिखाया और शादी के बंधन में बांधा। जीवन का एक लंबा हिस्सा उन्होंने इसी घर में बिताया था। आज जब वे अकेली थीं, तब अपराधियों ने उनके जीवन के संघर्ष को इस तरह खौफनाक अंत में बदल दिया। परिवार के दामाद दीपक का कहना है कि सरकार और पुलिस को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, क्योंकि आज कोई भी घर सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है।

सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या और लूटपाट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के लिए पुलिस की टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। अपराध की गुत्थी सुलझाने के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों की पहचान हो सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे घटना से जुड़ी हर बारीक कड़ियों पर गौर कर रहे हैं। जंगपुरा जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस तरह की घटना ने आम जनता के बीच सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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