स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू, कतर और पाकिस्तान निभा रहे मध्यस्थ की भूमिका विश्व एक महीने पहले 57
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच एक व्यापक समझौते के लिए बातचीत का दौर शुरू हो गया है, जिसमें कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं।

वार्ता का मुख्य उद्देश्य

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच द्विपक्षीय बातचीत का सिलसिला आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। कतर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस पूरी प्रक्रिया में कतर और पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन बैठकों के माध्यम से एक ऐसे स्थायी और व्यापक समझौते तक पहुंचा जा सकेगा, जो आपसी विवादों के समाधान के लिए 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' के सभी बिंदुओं को कवर करेगा।

तकनीकी समूहों का गठन

समझौते की बारीकियों और शर्तों पर गहन चर्चा के लिए विशेष तकनीकी और विशेषज्ञ समूहों का गठन किया गया है। कतर के राजनयिकों के अनुसार, इन समूहों का काम 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' के हर पहलू का विश्लेषण करना है। प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष निकाय और फॉलो-अप समूह भी बनाए गए हैं, ताकि बातचीत में हो रही प्रगति का ट्रैक रखा जा सके और इसे एक तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

राजनयिक प्रतिबद्धता और शांति की उम्मीद

कतर ने इस प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि सभी पक्ष अच्छी नीयत के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मध्यस्थों का मानना है कि कूटनीति ही विवादों को सुलझाने का सबसे कारगर रास्ता है। कतर और पाकिस्तान इस दौरान एक अनुकूल माहौल बनाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि बातचीत अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल कर सके।

14-सूत्रीय समझौते की समय-सीमा

यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार को बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में शुरू हुई। यह वार्ता 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन द्वारा तय किए गए 14-सूत्रीय 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) के आधार पर संचालित हो रही है। इस समझौते के तहत पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने के लिए वार्ताकारों को 60 दिनों की सख्त समय-सीमा दी गई है।

प्रतिनिधिमंडलों की सक्रियता

इस उच्च-स्तरीय चर्चा के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस खुद स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल में संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़, विदेश मंत्री अब्बास अरागची, केंद्रीय बैंक के अधिकारी और तेल मंत्रालय के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो आर्थिक और वित्तीय पहलुओं पर तेहरान का पक्ष रख रहे हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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