उत्तर प्रदेश
एक दिन पहले
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कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं का बढ़ता उत्साह
उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में कांवड़ यात्रा पूरे शबाब पर है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद की सड़कों पर शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों के ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। प्रशासन की ओर से यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक दावे किए गए हैं, लेकिन इस बार कांवड़ मार्ग पर स्थित कुछ विशेष प्रकार की दुकानों को लेकर श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या बोले भक्त
न्यूज18 से बातचीत के दौरान शिव भक्तों ने कांवड़ यात्रा के प्रबंधन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की। कांवड़ियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा इंतजामों, सड़कों की स्थिति और प्रशासनिक सहूलियतों के मामले में उत्तर प्रदेश की व्यवस्था उत्तराखंड की तुलना में कहीं अधिक बेहतर है। श्रद्धालुओं ने माना कि कांवड़ियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन काफी सतर्क है। हालांकि, इतने सकारात्मक पक्ष के बावजूद, कांवड़ मार्ग पर मौजूद शराब और मीट की दुकानों को लेकर वे काफी दुखी और नाराज हैं।
योगी आदित्यनाथ से की सख्त कार्रवाई की मांग
शिव भक्तों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखी है। कांवड़ियों का तर्क है कि कांवड़ मार्ग पर इन दुकानों का खुला होना उनकी धार्मिक भावनाओं को सीधे तौर पर आहत करता है। श्रद्धालुओं की मुख्य मांग है कि जब तक कांवड़ यात्रा अपने समापन पर नहीं पहुंच जाती, तब तक इन मीट और शराब की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा जाए। भक्तों का कहना है कि यात्रा के दौरान पवित्रता का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है और इस तरह की दुकानों का खुलना उस गरिमा को भंग करता है।
ढाबों की शुद्धता पर भी जोर
केवल मीट और शराब की दुकानों तक ही मामला सीमित नहीं है, बल्कि कांवड़ियों ने कांवड़ मार्ग पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंट के खान-पान की शुद्धता पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की है। शिव भक्तों ने मांग की है कि यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी भोजनालयों में उच्च स्तर की स्वच्छता और शुद्धता बरती जाए ताकि किसी भी कांवड़िये को भोजन या जलपान को लेकर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
स्थानीय प्रशासन पर बढ़ रहा दबाव
जैसे-जैसे मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में शिव भक्तों की तादाद बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की यह मांग प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। कांवड़ियों के इस कड़े रुख के बाद स्थानीय प्रशासन पर अब व्यवस्थाओं को और अधिक सख्त बनाने और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप माहौल तैयार करने का भारी दबाव बढ़ गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन इस पर क्या निर्णय लेता है।
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